CBSE 10th Toppers Success Story: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है और इस बार भी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उन छात्रों की हो रही है, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के पूरे 100 प्रतिशत अंक हासिल कर एक नई मिसाल पेश की है। इस साल गाजियाबाद के दक्ष वासुदेव और गुरुग्राम के तनय श्रीवास्तव ने 500 में से 500 अंक लाकर सभी को हैरान कर दिया। खास बात यह है कि दोनों छात्रों ने यह मुकाम सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल किया, जिससे वे लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
दक्ष वासुदेव: मेहनत और अनुशासन से बना टॉपर
गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र दक्ष वासुदेव ने 10वीं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 100% अंक प्राप्त किए। उन्होंने सात विषयों की पढ़ाई की, जिनमें गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, जापानी भाषा और डेटा साइंस में उन्हें पूरे 100 अंक मिले। वहीं सामाजिक विज्ञान में 99 और हिंदी में 93 अंक हासिल किए। CBSE की बेस्ट-5 पॉलिसी के आधार पर उनके कुल अंक 500 में से 500 बने। दक्ष ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और गहराई से समझने की आदत को दिया। वे रोजाना करीब 12 से 13 घंटे पढ़ाई करते थे और किसी भी विषय को पूरी तरह समझने के बाद ही आगे बढ़ते थे। उनका लक्ष्य आगे चलकर IIT में दाखिला लेना और फिर UPSC परीक्षा पास कर देश सेवा करना है।
तनय श्रीवास्तव: फोकस और स्मार्ट स्टडी से मिली सफलता
गुरुग्राम के सेक्टर-49 निवासी तनय श्रीवास्तव ने भी 100 प्रतिशत अंक हासिल कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और आईटी में पूरे अंक प्राप्त किए। तनय का मानना है कि पढ़ाई को घंटों में बांधना जरूरी नहीं, बल्कि जब भी पढ़ें पूरी एकाग्रता से पढ़ें। उन्होंने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी के जरिए ही यह मुकाम हासिल किया। उनका सपना भविष्य में रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना है।
अन्य छात्रों ने भी दिखाया शानदार प्रदर्शन
इस साल सिर्फ दक्ष और तनय ही नहीं, बल्कि देशभर के कई छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। फरीदाबाद की आशना खुराना ने 100% अंक हासिल कर टॉप किया, जबकि नितेश बहल 99.8% के साथ दूसरे स्थान पर रहे। सोनीपत के छात्र मनन ने भी 500 में से 500 अंक हासिल किए। कोलकाता की अनीशा घोष और जयशीर्ष्या बसु ने भी 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं ओडिशा के पुरी की टीना रथ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विषयों में पूरे अंक हासिल किए।
99.8% स्कोर करने वाले छात्र भी चर्चा में
गाजियाबाद के योगित जैन और नोएडा के अर्जुन धर ने 99.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी जगह बनाई। योगित ने रोजाना 6 घंटे पढ़ाई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की मदद से तैयारी की, जबकि अर्जुन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। गुरुग्राम की रिद्धिमा गुप्ता ने भी 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। उन्होंने रोजाना 3-4 घंटे पढ़ाई की और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर अपना फोकस बनाए रखा। उनका सपना IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग करना है।
सफलता का मूल मंत्र
इस साल के परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सफलता के लिए कोचिंग जरूरी नहीं, बल्कि सही रणनीति, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा हथियार है। ज्यादातर टॉपर्स ने सेल्फ स्टडी को अपनी ताकत बनाया और लगातार मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। यह सफलता कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं।
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