Dehradun के सेलाकुई क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक विवाहिता को उसके ही ससुराल वालों ने करीब 10 महीने तक एक कमरे और टॉयलेट में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 महीने तक कमरे और टॉयलेट में कैद
पीड़िता के पिता के अनुसार, उन्होंने अपनी बेटी की शादी करीब दो वर्ष पहले राहुल खंडूडी से की थी, जो पेशे से एक सरकारी शिक्षक है। शादी के कुछ समय बाद से ही बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिछले लगभग 300 दिनों से महिला को घर के एक कमरे और टॉयलेट के भीतर कैद करके रखा गया था। उसे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी और मायके पक्ष के लोगों को भी उससे मिलने नहीं दिया जाता था।
खाने के नाम पर कच्चा चावल, प्याज और नमक
पीड़िता के पिता का दावा है कि उनकी बेटी को पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जाता था। उसे केवल कच्चा चावल, एक प्याज, नमक और हरी मिर्च देकर जीवित रखा गया। परिवार के लोगों ने उसके बाहरी दुनिया से संपर्क भी पूरी तरह खत्म कर दिया था।
गंभीर शारीरिक प्रताड़ना के आरोप
शिकायत के अनुसार, महिला के साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया गया। आरोप है कि उसके सिर के बाल उखाड़े गए और उसे गंभीर शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं। पीड़िता के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं, जिनकी जांच मेडिकल रिपोर्ट के जरिए की जा रही है।
पिता की शिकायत के बाद खुला मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता के पिता किसी तरह अपनी बेटी तक पहुंचने में सफल रहे। बेटी की हालत देखने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी पति राहुल खंडूडी, सास और ससुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Pramendra Dobhal ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

