होम = Breaking = भोजशाला पर फैसले ने मचाया तूफान, ओवैसी ने जताई नाराजगी

भोजशाला पर फैसले ने मचाया तूफान, ओवैसी ने जताई नाराजगी

by | May 16, 2026 | Breaking, Cover Story Top

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद देश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। AIMIM प्रमुख और सांसद ओवैसी ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए इसे बाबरी मस्जिद मामले के फैसले से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले संविधान की मूल भावना और Places of Worship Act के उद्देश्य पर सवाल खड़े करते हैं।

हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने हालिया निर्णय में कहा कि उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप देवी सरस्वती के मंदिर के रूप में दिखाई देता है। अदालत ने परिसर के प्रबंधन और प्रशासन को लेकर केंद्र सरकार और Archaeological Survey of India (ASI) को निर्णय लेने की छूट दी। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अलग स्थान पर मस्जिद के लिए भूमि मांगने का विकल्प भी बताया गया।

ओवैसी ने कहा कि यह फैसला उन्हें बाबरी मस्जिद मामले की याद दिलाता है। उनका आरोप है कि अदालत ने कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज, वक्फ रिकॉर्ड और Places of Worship Act, 1991 की भावना को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णय भविष्य में अन्य धार्मिक स्थलों को लेकर भी नए विवादों को जन्म दे सकते हैं। ओवैसी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि Supreme Court of India इस मामले की समीक्षा करेगा और उचित कानूनी निर्णय देगा। इस बीच, हिंदू पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर अपनी बात सुने बिना कोई आदेश न देने का अनुरोध किया है।

राजनीतिक और कानूनी महत्व

भोजशाला पर फैसला केवल धार्मिक विवाद तक सीमित नहीं है। इसका असर संवैधानिक बहस, धार्मिक अधिकारों और न्यायिक दृष्टिकोण पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। कानूनी विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण कानूनी बहस का विषय बन सकता है। अंतिम स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि शीर्ष अदालत इस फैसले को किस दृष्टि से देखती है।

भोजशाला मामले में हाईकोर्ट के फैसले ने एक लंबे विवाद को नई दिशा दी है। ओवैसी की तीखी प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट पर है, जहां इस फैसले की वैधानिकता और प्रभाव पर आगे बहस हो सकती है।

ये भी पढ़े: https://newsindia24x7.com/state/jammu-kashmir/kashmir-police-search-operation-sopore-uapa-jei-42555/