देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। अब तक रफ वर्क के पन्ने बुकलेट के आखिरी हिस्से में होने के कारण खासकर बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों को बार-बार पीछे जाना पड़ता था, जिससे उनकी गति और एकाग्रता प्रभावित होती थी। लंबे कैलकुलेशन वाले सवालों में यह समस्या और बढ़ जाती थी।
NTA ने क्या बदलाव किए?
NEET UG 2026 से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने टेस्ट बुकलेट का लेआउट बदल दिया है। अब रफ वर्क के पन्ने निर्देश वाले पेज के तुरंत बाद दिए जाएंगे, जिससे छात्रों को बार-बार अंतिम पन्नों तक नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा, रफ वर्क के पन्नों की संख्या दो से बढ़ाकर चार कर दी गई है। फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
छात्रों को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव से समय की बचत होगी और छात्रों का ध्यान प्रश्नों पर अधिक केंद्रित रहेगा। साथ ही मानसिक दबाव भी कम होगा। लेफ्ट-हैंडेड उम्मीदवारों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसे परीक्षा को अधिक छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
परीक्षा समय और प्रवेश से जुड़े नियम
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के कुल 195 मिनट केवल प्रश्न हल करने के लिए सुरक्षित रहेंगे। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होकर शाम 5:15 बजे समाप्त होगी। हस्ताक्षर और पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कराई जाएंगी। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से प्रवेश और सुरक्षा जांच शुरू होगी। मुख्य प्रवेश द्वार दोपहर 1:30 बजे बंद कर दिया जाएगा और सभी उम्मीदवारों को 1:40 बजे तक अपने परीक्षा कक्ष में पहुंचना होगा। वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय की सुविधा दी जाएगी। NTA का कहना है कि परीक्षा को अधिक समावेशी और छात्र हितैषी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़े: US-Iran Peace Deal: ईरान ने पाकिस्तान के दावे को नकारा, रविवार को नहीं होगी साइनिंग

