पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के 24 घंटे में अमेरिका-ईरान शांति समझौता अंतिम रूप लेने के दावे के बाद ईरान ने कहा कि रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की हिचकिचाहट के कारण समय को लेकर सावधानी बरतनी होगी।
पाकिस्तान का दावा और मध्यस्थता
शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान मसौदे की भाषा पर सहमत हो चुके हैं और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहा है। उन्होंने बताया कि ई-साइनिंग की तैयारी चल रही है और अगले सप्ताह तकनीकी स्तर की वार्ता शुरू हो सकती है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि समझौते पर इसी सप्ताहांत हस्ताक्षर हो सकते हैं।
खामेनेई का अंतिम संस्कार
अमेरिकी हमलों में 28 फरवरी को मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 6, 7 और 9 जुलाई को तेहरान, क़ोम और मशहद में होगा। उन्हें इमाम रज़ा की दरगाह में दफनाया जाएगा।
समझौते में क्या शामिल है?
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील और जमे हुए फंड जारी करने का प्रावधान है। बदले में ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को फिर से खोलेगा। 60 दिनों की वार्ता में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी। अमेरिकी पक्ष यूरेनियम भंडार खत्म करने की बात कर रहा है, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान केवल यूरेनियम को पतला करने के पक्ष में है।
तेल कीमतों में गिरावट
शांति की उम्मीदों और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के विकल्पों के चलते ब्रेंट क्रूड 3.4% गिरकर 87.33 डॉलर और WTI 3.2% गिरकर 84.88 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। यूरोपीय गैस कीमतों में भी 8.4% तक गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों में युद्ध क्षतिपूर्ति और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी दबाव में ढील की बात कही गई, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज किया।
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