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‘पेपर तैयार करने वालों की जांच क्यों नहीं हुई?’ NEET लीक मामले में NTA की बढ़ीं मुश्किलें

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब संसदीय समिति ने भी National Testing Agency (NTA) से कई कड़े सवाल पूछे हैं। सूत्रों के अनुसार समिति ने खास तौर पर परीक्षा पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, पेपर सेटर्स और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की जांच व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। समिति ने पूछा कि क्या पेपर तैयार करने वाले लोगों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया गया था और परीक्षा सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए थे। यह मामला लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला

हाल के समय में NEET परीक्षा को लेकर कई राज्यों से पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए थे। आरोप था कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंच गया था। इसके बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। मामला इतना बढ़ा कि इसकी जांच विभिन्न एजेंसियों तक पहुंच गई। अब संसदीय समिति द्वारा NTA से पूछे गए सवालों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है।

संसदीय समिति ने क्या पूछा

सूत्रों के मुताबिक समिति ने NTA अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण सवाल किए।

प्रमुख सवाल

क्या पेपर सेट करने वालों का बैकग्राउंड चेक किया गया था?
प्रश्नपत्र की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था थी?
परीक्षा केंद्रों की निगरानी कैसे की गई?
डिजिटल सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन के लिए क्या कदम उठाए गए?
लीक की आशंका के बाद तुरंत क्या कार्रवाई की गई?

समिति ने यह भी जानना चाहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए NTA क्या नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

NTA पर क्यों उठ रहे हैं सवाल

NTA देश की कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें NEET, JEE और CUET जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। NEET जैसे बड़े एग्जाम में लाखों छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों ने NTA की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन क्षमता पर सवाल उठाए हैं।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET विवाद के बाद छात्रों में तनाव और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय तक मेहनत करते हैं और यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो उनका भरोसा कमजोर होता है। अभिभावकों ने भी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा प्रणाली जरूरी है।

सरकार और एजेंसियों की कार्रवाई

पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद कई जांच एजेंसियां सक्रिय हुई थीं। संदिग्ध लोगों से पूछताछ और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। सरकार ने भी कहा है कि परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी सुधार किए जाएंगे। शिक्षा मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

NEET पेपर लीक विवाद ने देश की परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संसदीय समिति द्वारा NTA से पूछे गए तीखे सवाल इस बात का संकेत हैं कि अब परीक्षा सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। छात्र और अभिभावक अब निष्पक्ष जांच और मजबूत सुधारों की उम्मीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।

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