गुजरात के राजकोट में नगर निगम ने मंगलवार को अजी नदी के किनारे बनी अवैध बस्तियों के खिलाफ बड़ा विध्वंस अभियान चलाया। इस अभियान के तहत 1,300 से अधिक घर ध्वस्त किए गए। यह अब तक का सबसे बड़ा विध्वंस अभियान माना जा रहा है, जिसमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और 2,500 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया।
अवैध बस्तियों पर नोटिस और अभियान
उप नगर आयुक्त महेश जानी के अनुसार, लगभग 1,500 संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें नदी के किनारे स्थित 681 मकान शामिल थे। नगर निगम प्रमुख तुषार सुमेरा ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक लगभग 1,350 घर ध्वस्त किए जा चुके थे।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस, ड्रोन निगरानी टीम, विशेष अभियान दल, त्वरित प्रतिक्रिया दल और राज्य आरक्षित पुलिस बल मौजूद रहे। अजी नदी के किनारे जांगलेश्वर क्षेत्र के 2.5 किलोमीटर हिस्से में कुल 1,400 से अधिक अवैध बस्तियां थीं, जो विध्वंस अभियान के तहत शामिल हैं।
विस्थापितों के लिए योजनाएं
उप नगर आयुक्त जानी ने बताया कि नगर निगम अवैध बस्तियों को हटाने के लिए गंभीर है और विस्थापित परिवारों को आवास योजना के तहत पुनर्वास दिया जाएगा। इसके अलावा, योजना के अनुसार एक सप्ताह के भीतर नए सड़क निर्माण की भी तैयारी है।
विध्वंस कार्य की प्रक्रिया
अभियान में बहुमंजिला इमारतों और आलीशान बंगलों को भी गिराया गया, जिससे कार्य में समय लग रहा है। क्षेत्र को सात जोनों में विभाजित किया गया था और प्रथम श्रेणी के अधिकारी एवं तकनीकी टीमों को तैनात किया गया। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विध्वंस के लिए 260 से अधिक मशीनों जैसे जेसीबी, ट्रैक्टर, ब्रेकर और डंपर का उपयोग किया गया, साथ ही 65 से अधिक अर्थ-एक्सकेवेटर और बड़े हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर लगाए गए।
अभियान का असर
उप नगर आयुक्त जानी ने कहा कि अभियान अब तक शांतिपूर्ण रहा है और स्थानीय लोगों का इसमें भरपूर सहयोग मिला है। नगर निगम का यह कदम अजी नदी के किनारे अवैध बस्तियों को हटाकर क्षेत्र का पुनर्निर्माण और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

