Haryana: हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर एक महिला के प्रति यौन दबाव और बिना सहमति वाले व्यवहार का महिमामंडन करने वाली टिप्पणियों से जुड़े वायरल वीडियो पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग ने गुरुवार को कहा कि उसने इस मामले से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों और वायरल वीडियो फुटेज का संज्ञान लिया है, जिसमें कथित तौर पर ऐसी टिप्पणियां सार्वजनिक मंच से की गई थीं। महिला अधिकारों से जुड़े इस निकाय ने वीडियो की सामग्री और जिस तरह कथित व्यवहार को दर्शकों के सामने पेश किया गया, उस पर गंभीर चिंता जताई है।
महिलाओं की गरिमा और सहमति के खिलाफ ऐसे व्यवहार को बताया खतरनाक
राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि महिलाओं की सहमति, गरिमा और शारीरिक स्वायत्तता को कमजोर करने वाले व्यवहार का सामान्यीकरण या महिमामंडन महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक हिंसा को लेकर समाज के नजरिए पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।
आयोग के अनुसार, इस तरह की घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा और जेंडर आधारित हिंसा के प्रति लोगों की सोच को प्रभावित कर सकती हैं।
हरियाणा के डीजीपी से सात दिन में मांगी रिपोर्ट
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहतकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
आयोग ने हरियाणा पुलिस से सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दर्ज एफआईआर की स्थिति की जानकारी भी मांगी गई है।
वीडियो की जांच और आयोजकों की भूमिका पर भी मांगी जानकारी
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस से यह भी पूछा है कि मामले में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वायरल वीडियो की जांच और उसकी प्रमाणिकता की पुष्टि के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
आयोग ने आयोजकों, कलाकारों और कार्यक्रम स्थल के प्रबंधन की भूमिका से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। साथ ही यह जानना चाहा है कि सार्वजनिक मनोरंजन मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न, दबाव या उनकी गरिमा का उल्लंघन करने वाले व्यवहार को बढ़ावा देने का माध्यम बनने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को भेजा नोटिस
इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने कॉमेडियन प्रनीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों को 22 जून को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए तलब किया गया है।
‘सहमति से कोई समझौता नहीं’
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं की सहमति के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
आयोग ने कहा कि यौन दबाव, अधिकार जताने वाले व्यवहार या किसी महिला की स्वायत्तता और सम्मान के प्रति अनादर को हास्य या मनोरंजन के रूप में पेश करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। यह भारत के संविधान और कानूनों द्वारा महिलाओं को दिए गए समानता, गरिमा और सुरक्षा के सिद्धांतों के विपरीत है।
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