Drone Restrictions: फीफा वर्ल्ड कप 2026 गुरुवार रात 10:30 बजे से शुरू होने जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से कई एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेडियम के ऊपर या आस-पास उड़ने वाले ड्रोन को संभावित आतंकवादी खतरे के रूप में देखा जा रहा है। मामले को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मैचों और फैन जोन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू रहेगी। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) की कमिश्नर जेसिका टिस्क ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने यह दिखा दिया है कि ड्रोन तकनीक कितनी खतरनाक हो सकती है। उनके अनुसार, वर्तमान समय में ड्रोन से उत्पन्न खतरा सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है।
स्टेडियम के ऊपर नो-फ्लाई जोन
फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) मैचों और फैन इवेंट्स के दौरान स्टेडियमों के आसपास अस्थायी उड़ान प्रतिबंध (TFR) लागू करेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 1 लाख डॉलर (करीब 96 लाख रुपए ) तक का जुर्माना, ड्रोन जब्ती और आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।
FBI की खास तैयारी
Federal Bureau of Investigation (FBI) पिछले सात वर्षों से एंटी-ड्रोन तकनीक विकसित कर रहा है। एजेंसी ने सभी मेजबान शहरों की पुलिस को विशेष प्रशिक्षण दिया है ताकि वे संदिग्ध ड्रोन की पहचान कर तुरंत कार्रवाई कर सकें। FBI के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर ड्रोन को संभावित खतरे की तरह माना जाएगा और उसके ऑपरेटर की तत्काल पहचान कर जांच की जाएगी।
ड्रोन गिराने के बजाय सुरक्षित लैंडिंग पर जोर
अमेरिकी सेना के पास ड्रोन को लेजर और अन्य हथियारों से मार गिराने की क्षमता है, लेकिन भीड़भाड़ वाले शहरों में ऐसा करने से मलबा लोगों पर गिर सकता है। राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ हॉल कैम्फर के अनुसार, ड्रोन को निष्क्रिय करने के बाद वह जमीन पर जरूर गिरेगा, इसलिए सुरक्षित लैंडिंग बेहतर विकल्प है।
सबसे बड़ा खतरा: ड्रोन स्वार्म अटैक
विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ कई ड्रोन भेजकर किए जाने वाले “स्वार्म अटैक” सबसे बड़ा खतरा हैं। यदि ड्रोन पहले से प्रोग्राम किए गए हों या फाइबर-ऑप्टिक नियंत्रण से संचालित हों, तो उन्हें रोकना और भी मुश्किल हो सकता है। अमेरिकी सरकार ने विश्व कप और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के दौरान होने वाले बड़े आयोजनों की सुरक्षा के लिए राज्यों को 25 करोड़ डॉलर की सहायता भी प्रदान की है।

