उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी नागरिकों के जरिए की जा रही कथित ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने थाईलैंड से आए छह यात्रियों को हिरासत में लिया, जिनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद किया गया। जब्त माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
बैंकॉक से वाराणसी पहुंचे थे आरोपी
अधिकारियों के मुताबिक सभी आरोपी बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान के जरिए वाराणसी पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर नियमित जांच और सुरक्षा स्क्रीनिंग के दौरान यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उनके सामान की विस्तृत जांच की गई।
ट्रॉली बैग से मिला प्रतिबंधित पदार्थ
तलाशी के दौरान अधिकारियों को यात्रियों के ट्रॉली बैग में प्लास्टिक पैकेटों में छिपाकर रखा गया करीब 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा मिला। जांच एजेंसियों के अनुसार यह एक उच्च गुणवत्ता वाला नशीला पदार्थ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग रहती है।
क्या है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसे पारंपरिक खेती की तरह मिट्टी में नहीं उगाया जाता, बल्कि विशेष पोषक तत्वों से युक्त जल आधारित तकनीक की मदद से तैयार किया जाता है। इसी कारण इसकी गुणवत्ता और कीमत दोनों अधिक होती हैं।
पूछताछ में हुए कई खुलासे
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपियों ने जांच एजेंसियों को कई अहम जानकारियां दी हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह समूह पहले भी भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा रहा है। जांचकर्ताओं को ऐसे इनपुट मिले हैं कि पूर्व में भी अलग-अलग मार्गों के जरिए भारत में ड्रग्स की खेप पहुंचाई गई थी।
एक महिला की भूमिका की भी जांच
मामले की जांच कर रही एजेंसियां एक अन्य विदेशी महिला की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। आशंका है कि उसने आरोपियों के ठहरने की व्यवस्था करने और भारत में नेटवर्क से संपर्क स्थापित करने में मदद की हो सकती है। जांच एजेंसियां उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत के निर्देश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल कस्टम विभाग और अन्य जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। बरामद नशीले पदार्थ की सप्लाई चेन, स्थानीय संपर्कों और संभावित तस्करी नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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