US Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुनिया की नजरें उस अहम समुद्री रास्ते पर टिकी हैं, जिससे वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति जुड़ी है। ईरान ने इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के सामने तीन अहम शर्तें रखी हैं, लेकिन मामला सुलझने के बजाय और उलझता दिख रहा है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में ओमान और पाकिस्तान के संपर्क सूत्रों के जरिए यह प्रस्ताव रखा। ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोलेगा, जब अमेरिका उस पर और उसके बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां हटाए, मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव खत्म हो और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को फिलहाल टाल दिया जाए।
आगे के लिए टलेगा प्रस्ताव?
हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी सुरक्षा टीम इस डील को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है, जिसे प्रस्ताव में आगे के लिए टालने की बात कही गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी साफ कर दिया है कि ऐसा कोई समझौता मंजूर नहीं होगा, जिसमें परमाणु गतिविधियों पर सख्ती से रोक न हो। उनका कहना है कि किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ने नहीं दिया जा सकता।
फिलहाल व्हाइट हाउस ने आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन संकेत यही हैं कि बातचीत आसान नहीं होगी। ऐसे में होर्मुज का मुद्दा सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा संकट से भी जुड़ता जा रहा है।
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