Hamza Burhan news: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बदर के प्रमुख कमांडरों में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ ‘बुरहान हमजा’ के मारे जाने की सूचना सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक वह लंबे समय से भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था और दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले प्रमुख चेहरों में गिना जाता था।
गृह मंत्रालय ने 4 साल पहले आतंकवादी घोषित किया था
अरजमंद गुलजार मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। वह करीब सात साल पहले वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था, जहां उसने आतंकी संगठन अल-बदर जॉइन कर लिया और बाद में उसका ऑपरेशनल कमांडर बन गया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह पाकिस्तान से बैठकर कश्मीर में आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित करता था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे लंबे समय से मोस्ट वांटेड सूची में रखा था, जबकि गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। वह पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंकी गतिविधियों, युवाओं की भर्ती और वित्तीय सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है पुलवामा
पुलवामा लंबे समय से घाटी में आतंकी गतिविधियों का संवेदनशील केंद्र माना जाता रहा है। इसी क्षेत्र से कई बड़े आतंकी चेहरे सामने आए हैं, जिनमें Burhan Wani का नाम भी शामिल है, जिसने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित किया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक अरजमंद गुलजार भी उसी ‘डिजिटल कट्टरपंथ’ मॉडल का हिस्सा था, जिसमें सोशल मीडिया और स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को हथियार उठाने के लिए उकसाया जाता था।

