Meenakshi Natarajan News: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से सियासी विवाद गहरा गया है। शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में हुई इस कार्रवाई को कांग्रेस ने लोकतंत्र पर हमला बताते हुए चुनाव आयोग और अदालत में चुनौती देने का फैसला किया है। इससे राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
कांग्रेस ने राज्य चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर दिया धरना
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह हाई कोर्ट जाएगी या सीधे सुप्रीम कोर्ट, लेकिन वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मामले को सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की वकालत की है। वहीं भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग के बाहर धरना शुरू कर दिया, जबकि दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेता निर्वाचन आयोग मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन पर बैठ गए। निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा के अनुसार, जांच में पाया गया कि नटराजन ने फॉर्म-26 में एक न्यायालयी परिवाद का उल्लेख नहीं किया था, जिसके कारण उनका शपथपत्र अपूर्ण माना गया।
मीनाक्षी को लेकर BJP उम्मीदवार ने निर्वाचनअधिकारी से की थी शिकायत
इस मामले को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नटराजन ने अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मामले का उल्लेख शपथपत्र में नहीं किया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया। वहीं नटराजन ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद ही यह साफ हो गया था कि सत्ता पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम संविधान और लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

