Iran-Kuwait Tension: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार तड़के कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर रहीं। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों के दावे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई। कुवैती सुरक्षा बलों ने कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने संभावित खतरों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
कुवैत में गूंजी धमाकों की आवाजें
बुधवार सुबह कुवैत के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इन आवाजों के बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, कुवैत के सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये धमाके दुश्मन के हथियारों को हवा में ही रोकने के दौरान हुए इंटरसेप्शन का परिणाम थे। कुवैत सेना के जनरल स्टाफ ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रही और उसने मिसाइलों तथा ड्रोन से उत्पन्न खतरे का सफलतापूर्वक सामना किया।
नागरिकों को जारी किया गया सुरक्षा अलर्ट
घटना के बाद कुवैत सरकार ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों और विदेशी निवासियों से कहा है कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु, मलबे या धातु के टुकड़े के पास न जाएं और उन्हें छूने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि इंटरसेप्ट किए गए हथियारों के अवशेष जमीन पर गिर सकते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरे हो सकते हैं।
संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत दें सूचना
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का संदिग्ध मलबा या वस्तु दिखाई दे, तो वह तुरंत आपातकालीन नंबर 112 या संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें तथा सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का ईरान का दावा
इस घटनाक्रम के बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई। ईरान का कहना है कि यह कदम फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और केश्म द्वीप क्षेत्र में अमेरिका की हालिया गतिविधियों के जवाब में उठाया गया। हालांकि, अमेरिकी ठिकानों को किसी प्रकार के नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बहरीन में भी बढ़ी सतर्कता
क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देश बहरीन में भी दिखाई दिया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एहतियात के तौर पर चेतावनी सायरन बजवाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। प्रशासन ने नागरिकों से संयम बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
IRGC ने भी किया बड़ा दावा
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ड्रोन ऑपरेशन के जरिए अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान का आरोप है कि इससे पहले अमेरिकी सेना ने दक्षिणी क्षेत्र में स्थित केश्म द्वीप पर IRGC के एक संचार टॉवर को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
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