UN India Pakistan: संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए उसे दोहरे रवैये के लिए घेरा। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार और हिंसा से जुड़ा रहा है, उसे भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। साथ ही भारत ने UNAMA की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पाकिस्तान की सीमा पार सैन्य कार्रवाई और अफगानिस्तान में नागरिक हताहतों के मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
पाक की एयरस्ट्राइक से काबूल में 250+ लोगों की हुई थी मौत
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि इसी वर्ष रमज़ान के दौरान मार्च महीने में पाकिस्तान ने काबुल स्थित ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर एयरस्ट्राइक की थी। भारत के अनुसार इस हमले में 269 नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए। भारतीय पक्ष ने यह भी दावा किया कि यह हमला तरावीह की नमाज़ के बाद हुआ, जब लोग मस्जिद से बाहर निकल रहे थे, जिससे आम नागरिकों की भारी संख्या प्रभावित हुई और यह घटना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के गंभीर उल्लंघन का उदाहरण है।
सीमा पार आतंकवाद को भारत ने बड़ा खतरा बताया
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ नरसंहार और बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघनों, जिनमें लाखों महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं शामिल रही हैं, के गंभीर आरोप इतिहास में दर्ज हैं। भारत ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अपनी आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए हिंसा और प्रचार का सहारा लेता रहा है। इसी संदर्भ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने सीमा पार आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है और अब समय आ गया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाए।

