PM Modi NDA Meeting: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गठबंधन के नेताओं को संबोधित किया। यह बैठक कई मायनों में खास रही, क्योंकि इसी दिन प्रधानमंत्री ने लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम को आगामी राजनीतिक रणनीति और विकास एजेंडे के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना गया।
पीएम मोदी ने क्या कहा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले 12 वर्षों में देश के विकास की दिशा बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल मंत्र जनता का विश्वास, विकास और जनकल्याण रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने गठबंधन के नेताओं से कहा कि आने वाले वर्षों में भी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
यह बैठक केवल 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव नहीं थी, बल्कि सरकार के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा का मंच भी बनी। सूत्रों के अनुसार बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रणनीति और विकसित भारत के लक्ष्य पर चर्चा की गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2029 के आम चुनावों से पहले यह बैठक एनडीए के लिए संगठनात्मक मजबूती का भी संकेत है। गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं की मौजूदगी ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
12 वर्षों की उपलब्धियों पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान हुए बदलावों का उल्लेख किया। सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जाता रहा है कि इस अवधि में देश ने आधारभूत ढांचे, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय समावेशन और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान डिजिटल भुगतान व्यवस्था का तेजी से विस्तार हुआ, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंच बढ़ी, सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार हुआ तथा हवाई अड्डों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई।
विदेश नीति और वैश्विक पहचान पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति को भी सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती रही है। सरकार का दावा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी आवाज पहले की तुलना में अधिक प्रभावशाली बनी है।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, डिजिटल सार्वजनिक ढांचे का विस्तार और वैश्विक संकटों के दौरान भारत की सक्रिय भूमिका को भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
जहां सरकार अपने 12 वर्षों के कार्यकाल को विकास और सुशासन का दौर बता रही है, वहीं विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक चुनौतियों जैसे विषयों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और विपक्ष के दावों के बीच वास्तविक मूल्यांकन जनता के अनुभव और आगामी चुनावी परिणामों में दिखाई देगा।
विकसित भारत 2047 पर विशेष फोकस
बैठक में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार, तकनीक, नवाचार और बुनियादी ढांचे को केंद्र में रखकर आगे बढ़ना होगा। सरकार का मानना है कि अगले दो दशकों में भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है, बशर्ते विकास की गति और सुधारों का सिलसिला जारी रहे।
एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित बैठक केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं रही, बल्कि सरकार ने इसे अपनी उपलब्धियों को सामने रखने और भविष्य की दिशा तय करने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विकास, जनकल्याण, सुशासन और विकसित भारत के लक्ष्य को केंद्र में रखा। वहीं विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल उठाकर राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने अगले चरण के एजेंडे को किस तरह आगे बढ़ाती है और जनता उसे किस नजर से देखती है।

