Gujarati Woman Killed in US: अमेरिका से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां गुजराती मूल की महिला मेघना पटेल की उनके ही स्टोर के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि हमलावर ने स्टोर में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में इस वारदात के पीछे लूटपाट की आशंका जताई जा रही है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर की बेरहमी साफ दिखाई दे रही है। इस घटना के बाद मेघना पटेल के पैतृक गांव समेत पूरे महेसाणा इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
मौत की खबर से परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल
मृतक गुजराती महिला की पहचान मेघना के रूप में हुई है। मेघना मूल रूप से गुजरात के महेसाणा जिले के विजापुर तालुका स्थित जंत्राल गांव की रहने वाली थीं। वह लंबे समय से अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रही थीं और वहीं बस गई थीं। जैसे ही उनकी हत्या की खबर गांव पहुंची, पूरे जंत्राल और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।
वारदात का सामने आया सीसीटीवी फुटेज
इस सनसनीखेज हत्या का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक अज्ञात हमलावर ग्राहक बनकर दुकान के अंदर प्रवेश करता है। उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रैक सूट, जैकेट, हाथों में ग्लव्स, चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहन रखी थी। उसकी सिर्फ आंखें नजर आ रही थीं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमलावर पूरी तैयारी और साजिश के तहत वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।
अमेरिका में भारतीयों पर बढ़ रहे हैं हमले
अमेरिका में स्टोर और गैस स्टेशन चलाने वाले भारतीयों, खासकर गुजराती समुदाय पर हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। कुछ समय पहले गुजरात के आनंद जिले के बोरसद तालुका स्थित सिस्वा गांव की रहने वाली किरनबेन पटेल की भी अमेरिका के साउथ कैरोलिना में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह करीब 23 वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किरनबेन रात में अपने गैस स्टेशन और स्टोर पर अकेली थीं और दिनभर की कमाई का हिसाब कर रही थीं। तभी एक नकाबपोश बदमाश दुकान में घुसा और उन पर फायरिंग कर दी। बताया जाता है कि किरनबेन ने साहस दिखाते हुए खाली बोतलें फेंककर हमलावर का मुकाबला करने की कोशिश भी की, लेकिन आखिरकार उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

