Doanld Trump: अमेरिका में महंगाई और बढ़ती लिविंग कॉस्ट आम लोगों की कमर तोड़ रही है। खाने-पीने से लेकर गैस और तेल तक की कीमतें ऊंचाई पर हैं, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक उनके साथ मजबूती से खड़े नजर आ रहे हैं। ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं, फिर भी समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रपति के पास “कोई जादू की छड़ी नहीं” और मौजूदा मुश्किलें अस्थायी हैं।
क्या है पूरा मामला
कई ट्रंप समर्थकों का मानना है कि टैरिफ और डी-रेगुलेटरी नीतियां फिलहाल महंगाई बढ़ा रही हैं, लेकिन लंबे समय में इससे कीमतें नीचे आएंगी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। डेनवर के पास रहने वाले एक समर्थक के मुताबिक, नीतियों में बार-बार बदलाव से बाजार में अस्थिरता जरूर आई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में राहत भी दिख रही है, जैसे पेट्रोल की कीमतों में गिरावट।
ट्रंप समर्थकों से की गई बातचीत
रॉयटर्स द्वारा फरवरी से अब तक 20 ट्रंप समर्थकों से की गई बातचीत में सामने आया कि भले ही कुछ लोगों ने महंगाई नियंत्रण पर सरकार को औसत या कम अंक दिए हों, फिर भी बहुमत का भरोसा डगमगाया नहीं। समर्थक बढ़ती कीमतों के लिए बड़ी कंपनियों की लालच, बाजार में ज्यादा पैसा और संरचनात्मक आर्थिक समस्याओं को जिम्मेदार मानते हैं।
महंगाई अमेरिका में बड़ा मुद्दा
आगामी मिड-टर्म चुनावों से पहले महंगाई अमेरिका में बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है। रिपब्लिकन पार्टी को डर है कि ऊंची कीमतें स्वतंत्र मतदाताओं को दूर कर सकती हैं। वहीं ट्रंप रैलियों में दावा कर रहे हैं कि अमेरिका को फिर से किफायती बनाना उनकी प्राथमिकता है। अब सवाल यही है, क्या ट्रंप समर्थकों का अटूट भरोसा आर्थिक हकीकतों पर भारी पड़ेगा, या आने वाला वक्त उनकी उम्मीदों को सही साबित करेगा?
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