होम = दुनिया = म्यांमार में गृहयुद्ध, अस्पताल पर एयर-स्ट्राइक, 30 की मौत, दुनिया में हलचल

म्यांमार में गृहयुद्ध, अस्पताल पर एयर-स्ट्राइक, 30 की मौत, दुनिया में हलचल

by | Dec 11, 2025 | दुनिया

Myanmar civil war : म्यांमार इन दिनों भीषण गृहयुद्ध से गुजर रहा है। इसी बीच, रखाइन प्रांत के एक अस्पताल पर 10 दिसंबर की रात हवाई हमला हुआ। इस एयर-स्ट्राइक में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 70 लोग घायल बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस अस्पताल में विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के लड़ाके या तो इलाज करा रहे थे या छिपे हुए थे। फिलहाल म्यांमार की सेना और सरकार ने इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

2021 में तख्तापलट से भड़का म्यांमार का गृहयुद्ध

1 फरवरी 2021 को म्यांमार की सेना (तत्मादाव) ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को तख्तापलट कर सत्ता से हटा दिया। आंग सान सू ची की पार्टी, नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (NLD) ने 2020 के चुनावों में भारी जीत दर्ज की थी, लेकिन सेना ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
इसके बाद पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जिन्हें सेना ने कड़े और हिंसक दमन के जरिए दबा दिया। फौजी शासन के खिलाफ बने विरोधी गुटों ने पीपुल्स डिफेंस फोर्स (PDF) का गठन किया, जो नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट (NUG) का सशस्त्र विंग माना जाता है। इसके साथ ही कई जातीय सशस्त्र समूह—जैसे कारेन नेशनल यूनियन और काचिन इंडिपेंडेंस ऑर्गनाइजेशन—भी सेना के खिलाफ संघर्ष में शामिल हैं। ये समूह लंबे समय से स्वशासन की मांग करते आ रहे हैं।

विद्रोहियों ने आधे म्यांमार पर किया कब्जा

2024 तक, विद्रोही समूहों ने म्यांमार के लगभग 40-50% इलाकों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे शान स्टेट और राखाइन स्टेट में।
हालांकि, 2025 में सेना ने काउंटर-ऑफेंसिव शुरू कर दिया। उदाहरण के तौर पर, अक्टूबर 2025 में सेना ने ता’अंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) से क्यौकमे शहर वापस अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बावजूद, सेना अभी भी बड़े शहरों जैसे यांगून और नायपीडॉ पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है।

इस बीच, चीन ने म्यांमार सेना को सैन्य सहायता और दबाव के जरिए समर्थन दिया, ताकि उसके पाइपलाइन और दुर्लभ खनिज परियोजनाएं सुरक्षित रह सकें। इस कदम ने विद्रोही समूहों को काफी झटका दिया।

सेना ने आम नागरिकों को बनाया निशाना

म्यांमार में सेना के हवाई हमलों ने आम नागरिकों को भी सीधे निशाना बनाया है। कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • सितंबर 2025: राखाइन स्टेट के एक स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 22 छात्र मारे गए। इस घटना की UNICEF ने कड़ी निंदा की।
  • अक्टूबर 2025: चाउंग-यू टाउनशिप में बौद्ध उत्सव के दौरान हमला हुआ, जिसमें 32-40 लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
  • क्षेत्रीय संघर्ष: कायाह स्टेट में लंबे समय से विद्रोही और सेना के बीच हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट जारी है।
  • अस्पताल और गांवों पर हमले: 23 अक्टूबर 2024 को एक हमले में लगभग 80 नागरिक मारे गए।

इन घटनाओं ने दिखा दिया है कि म्यांमार में युद्ध सिर्फ संघर्षरत समूहों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

म्यांमार में दुनिया की सबसे दुर्लभ खनिज संपदा

दुनियाभर की बड़ी शक्तियां म्यांमार के गृहयुद्ध में अपनी रणनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए सक्रिय हैं। मुख्य उद्देश्य देश की दुर्लभ खनिज संपदा पर नियंत्रण हासिल करना है।

म्यांमार की उत्तरी सीमा पर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रेयर अर्थ डिपॉजिट मौजूद हैं, जिसमें डिस्प्रोसियम भी शामिल है। यह मिनरल प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों, इलेक्ट्रिक वाहनों और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इसका मतलब यह है कि जो भी देश इन खनिजों पर नियंत्रण बनाएगा, वह लंबी अवधि तक तकनीकी और सैन्य शक्ति में बढ़त हासिल कर सकेगा, क्योंकि इसी से एडवांस हथियार और आधुनिक तकनीक विकसित की जा सकती है।