Israeli airstrikes : इजराइली हवाई हमलों ने रविवार को यमन की राजधानी सना को निशाना बनाया, जिसमें हूथी विद्रोहियों के ठिकानों के साथ-साथ एक पावर प्लांट और एक गैस स्टेशन को नुकसान पहुंचा. यह हमला ऐसे समय हुआ जब कुछ दिन पहले हूथी विद्रोहियों ने इजराइल की ओर एक मिसाइल दागी थी.
हूथी मीडिया कार्यालय के अनुसार, हमलों में राजधानी सना के कई क्षेत्रों को निशाना बनाया गया,जिनमें राष्ट्रपति भवन के पास का इलाका और एक बंद सैन्य अकादमी भी शामिल है. चश्मदीदों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ काफी तेज़ थी और शहर के कई हिस्सों से धुएं के गुबार उठते देखे गए. स्थानीय निवासी हुसैन मोहम्मद ने कहा कि धमाकों की आवाज़ बेहद तेज़ थी, ऐसा लगा जैसे शहर हिल गया हो. एक अन्य निवासी, अहमद अल-मेखलाफी ने बताया कि हमारा घर हिल गया और खिड़कियों के शीशे टूट गए.
मिसाइल से हवाई अड्डे पर निशाना
हाल ही में हूथी विद्रोहियों ने इजराइल की सबसे बड़ी हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए एक नई प्रकार की मिसाइल दागने का दावा किया था. हालांकि, इजराइल के अनुसार यह मिसाइल बीच रास्ते में ही टूट गई और किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई. इजराइली वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि यह मिसाइल एक क्लस्टर बम थी, जो हवा में कई छोटे विस्फोटकों में बंट जाती है. यह पहली बार था जब हूथियों ने इजराइल की ओर क्लस्टर बम दागा. अधिकारी ने यह भी कहा कि इस प्रकार की मिसाइल को रोकना मुश्किल होता है और यह ईरान से मिली नई तकनीक का संकेत है.
100 से अधिक जहाजों पर हमला
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में हूथी विद्रोहियों ने इजराइल के खिलाफ कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं और रेड सी में सैकड़ों वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक व्यापार पर गहरा असर पड़ा है. नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक हूथियों ने 100 से अधिक जहाजों पर हमले किए. हालांकि बाद में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हूथियों के खिलाफ हवाई हमलों की एक व्यापक मुहिम चलाई गई थी.
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अमेरिका और हूथियों के बीच समझौता
मई में अमेरिका और हूथियों के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत अमेरिका ने हवाई हमले रोकने का फैसला किया,बशर्ते हूथी विद्रोही भी समुद्री हमले बंद करें. हालांकि, हूथियों ने स्पष्ट किया कि यह समझौता इजराइल से जुड़े लक्ष्यों पर हमलों को रोकने के लिए नहीं है. इसी वर्ष मई में इजराइल ने सना एयरपोर्ट पर एक दुर्लभ दिन-दहाड़े हमला किया था,जिससे टर्मिनल तबाह हो गया और रनवे पर बड़े गड्ढे बन गए. उस हमले में यमेनिया एयरवेज के तीन विमान सहित कुल छह यात्री विमान क्षतिग्रस्त हो गए थे.

