Property Becomes Expensive : आगरा जिले में आठ साल बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए गए हैं। सोमवार से प्रभावी हुए इन दरों के कारण अब जमीन, मकान और दुकानों की रजिस्ट्री पर 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक खर्च करना पड़ेगा। इसका सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ेगा।
प्रमुख बाजारों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
जिले के सबसे महंगे बाजारों में शामिल फव्वारा और संजय प्लेस में कीमतों में भारी इजाफा किया गया है। अब फव्वारा में दुकान का सर्किल रेट 1.30 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 1.95 लाख रुपये हो गया है। वहीं, संजय प्लेस में व्यावसायिक भवनों में दुकानों का रेट 1.21 लाख रुपये से बढ़कर 1.84 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, MD रोड, कमला नगर, जयपुर हाउस और फतेहाबाद रोड पर भी नए सर्किल रेट लागू होने से संपत्ति खरीदने की लागत बढ़ जाएगी।
शहर तक सीमित नहीं नए रेट
नए सर्किल रेट सिर्फ शहर तक सीमित नहीं हैं। खेरागढ़, एत्मादपुर, फतेहाबाद, किरावली, बाह और सदर तहसील क्षेत्रों में भी सोमवार से बढ़ी हुई दरों के आधार पर स्टांप शुल्क देना अनिवार्य हो गया है।
कितनी बढ़ोतरी हुई?
- आवासीय दरों में 30 से 40% तक वृद्धि।
- व्यावसायिक संपत्तियों में 35 से 40% इजाफा।
- रोड सेगमेंट में 50% तक बढ़ोतरी।
- नव विकसित क्षेत्रों और औद्योगिक इलाकों में भी 30% तक बढ़त।
सड़क की चौड़ाई के अनुसार रेट
नई व्यवस्था में सड़क की चौड़ाई के आधार पर भूमि की कीमत तय की गई है। 9 मीटर, 18 मीटर और 18 मीटर से चौड़ी सड़कों पर अलग-अलग सर्किल रेट निर्धारित हुए हैं। इसके अलावा, वाणिज्यिक संपत्ति जैसे दुकान, कार्यालय और गोदाम के लिए अलग दरें तय की गई हैं। एकल वाणिज्यिक भवनों में दुकानों और कार्यालयों का रेट उनके कार्पेट एरिया के अनुसार तय होगा।
प्रमुख इलाकों के नए रेट
- संजय प्लेस में 9 मीटर मार्ग – ₹1,02,000 से बढ़कर ₹1,53,000
- संजय प्लेस में व्यावसायिक भवन की दुकान – ₹1,21,000 से बढ़कर ₹1,84,000
- संजय प्लेस में आजाद फिलिंग स्टेशन से यश बैंक तक – ₹89,500 से बढ़कर ₹1,34,000
- MG रोड में हरीपर्वतन से नालबंद चौराहा – ₹83,000 से बढ़कर ₹1,24,000
- मदिया कटरा तिराहा से रेलवे फाटक तक – ₹55,000 से बढ़कर ₹82,000
- सुभाष पार्क से पंचकुइयां मार्ग तक – ₹55,000 से बढ़कर ₹82,000
- कमला नगर (बी, सी, डी ब्लॉक) – ₹55,000 से बढ़कर ₹74,000
- फव्वारा में दुकान – ₹1,30,000 से बढ़कर ₹1,95,000
- हींग की मंडी में दुकान – ₹1,00,000 से बढ़कर ₹1,50,000
खरीदारों पर सीधा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्किल रेट बढ़ने से संपत्ति खरीदना न सिर्फ महंगा होगा बल्कि रियल एस्टेट बाजार पर भी असर पड़ेगा। रजिस्ट्री के लिए अधिक स्टांप शुल्क देना होगा, जिससे जमीन, मकान और दुकानों के सौदों में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

