Maqbara-Temple : 11 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हिंदुत्व संगठनों के एक बड़े समूह ने शहर के आबू नगर क्षेत्र में स्थित नवाब अब्दुस समद खान की मकबरे में धाबा बोल कर तोड़-फोड़ की। इस दौरान वे यह दावा कर रहे थे कि यह एक प्राचीन मंदिर था। पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने मकबरे पर भगवा झंडे लगाए और कथित रूप से पूजा-अर्चना की, जिससे तनाव बढ़ा। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, यह स्थल राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में एक मकबरा (“मकबरा मंगी”) है और इसके नियंत्रण में कोई असर नहीं हुआ। इस वास्तु को प्रोटेक्टेड घोषित किया गया है।
FIR में शामिल नाम और विवाद
पुलिस ने इस मामले में कुल 160 लोगों के खिलाफ केस दर्ज़ किया है। 10 लोगों को नामजद और बाकी 150 अज्ञात आरोपियों के रूप में शामिल किया गया है। इसमें हिंसा, गड़बड़ी, कब्रस्थल में अप्राधिकृत प्रवेश, और धार्मिक दहशत फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं।
घटना को उकसाने और नेतृत्व करने वाले भाजपा जिला अध्यक्ष मुखलाल पाल के नाम का FIR में उल्लेख नहीं किया गया है। सिविल पुलिस प्रमुख (SP) ने बताया कि FIR अभी प्रारंभिक जांच पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने पर स्थानीय भाजपा नेता मुखलाल पाल पर भी केस चल सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
फतेहपुर मकबरा-मंदिर विवाद मामले को लेकर संभल जिले के सांसद ज़िया उर रहमान बर्क ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फतेहपुर में मौजूद रहकर भाजपा जिला अध्यक्ष अधिकारियों को फोन पर त्रस्त करता हुआ नजर आ रहा था, फिर भी उसका नाम FIR में नहीं आया। उन्होंने विधानसभा में यह सवाल उठाया कि जबकि संभल की घटना में उनका नाम रिपोर्ट में गया था, फतेहपुर में मुख्य संदिग्ध का नाम FIR में क्यों नहीं है।
बर्क ने कहा कि फतेहपुर में मौजूद रहकर एक व्यक्ति अधिकारियों को फोन पर हड़काते हुए नजर आ रहा है। ये चीज गलत है। हमारा मकसद यही है कि देश हो या प्रदेश कानून से चलना चाहिए। मैं चाहता हूं कि जिन लोगों ने भी धर्म के नाम पर आपस में लड़ाने का काम किया और मकबरे पर जिस तरह से घुसपैठ की गई। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मुखलाल ने कहा ठाकुरद्वारा मंदिर की तस्वीर लगाकर पूजा कर
मुखलाल ने कहा कि शहर में अमन रहे इसलिए हम पूजा कर रहे हैं। हम हमारे घर में ही ठाकुरद्वारा मंदिर की प्रतीकात्मक तस्वीर लगाकर पूजा कर रहे हैं। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और सनातनियों से कहेंगे कि घर पर प्रतीकात्मक तस्वीर लगाएं। इसके अलावा पूजा करें ताकि जीत हमारी हो सके। जब तक मंदिर नहीं मिल जाता, हम तब तक घर पर पूजा करें। कानूनी लड़ाई लड़ेंगे हम लोग।
ये भी पढ़े : Gurugram: यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर 25 राउंड फायरिंग, पूरे इलाके में हड़कंप
घटना का राजनीतिक आयाम
SP का रुख: घटना के बाद, सपा ने Pappu Singh Chauhan को “एंटी-पार्टी गतिविधियों” के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया है। Chauhan का नाम FIR में आया था। सपा ने कहा था कि BJP मानसिकता वाले लोग जो पार्टी में रहते हुए भाजपा की सक्रियता दिखा रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा। घटना ने राजनीतिक रूप से उग्र प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। सरकार से सवाल उठाए गए कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए

