Lucknow News : सिख समुदाय की आस्था का प्रतीक ‘चरण सुहावे गुरु चरण यात्रा’ मंगलवार यानी आज जब लखनऊ पहुंची, तो पूरे शहर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। यह यात्रा सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और माता साहिब कौर से जुड़ी पवित्र जोड़ा साहिब धरोहर से संबंधित है, जिसे सिख परंपरा में अत्यंत पूजनीय माना जाता है।
लखनऊ के ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजित स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यात्रा का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका, गुरुवाणी का श्रवण किया और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से मुख्यमंत्री को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
गुरु परंपरा भारत की आत्मा का प्रतीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिख गुरु परंपरा ने भारत को केवल धर्म और आस्था की दिशा नहीं दी, बल्कि राष्ट्र की रक्षा, सेवा और त्याग का आदर्श भी स्थापित किया। उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति में कहा गया है। ‘जिथे जाए बहे मेरा सतगुरु, सो थान सुहावा राम राजे।’ अर्थात जहां गुरु महाराज के पवित्र चरण पड़ते हैं, वह स्थान पावन बन जाता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह यात्रा गुरु परंपरा की गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करती है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और उनके साहिबजादों ने धर्म, देश और मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिए, वे भारत के इतिहास में अमिट हैं।
“गुरु चरण यात्रा” राष्ट्र एकता और त्याग की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रारंभ हुई है। उन्होंने कहा, “यह यात्रा केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, सेवा और राष्ट्र समर्पण का संदेश लेकर आई है। सिख गुरुओं ने सनातन परंपरा की रक्षा करते हुए समाज को सदैव एकता और साहस की प्रेरणा दी है।”

लखनऊ का यहियागंज गुरुद्वारा ऐतिहासिक रूप से इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह स्थान गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह गुरुद्वारा हमारी साझा संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।”
यह यात्रा भविष्य के लिए भी प्रेरणास्रोत है
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे ‘गुरु चरण यात्रा’ को केवल अतीत की स्मृति के रूप में न देखें, बल्कि इसे भविष्य के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा हमें सिखाती है कि सेवा, समर्पण और त्याग ही राष्ट्र निर्माण की नींव हैं।
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने की प्रशंसा
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परबिंदर सिंह, तथा गुरुद्वारा कमेटी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस पवित्र यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया और गुरु परंपरा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

