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UP बोर्ड रिजल्ट के बाद CM योगी का भावुक संदेश, फेल हुए छात्रों को दिया ‘चलते रहो’ का मंत्र

CM Yogi Letter Mantra Success: उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे जारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के नाम एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया है, जिसने खासकर असफल विद्यार्थियों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। जहां एक ओर सफल छात्रों को बधाइयों की बौछार मिली, वहीं दूसरी ओर सीएम ने उन बच्चों का भी हौसला बढ़ाया जो अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सके।

मेहनत के दम पर सफलता

CM ने अपने संदेश में कहा कि इस वर्ष का परीक्षा परिणाम काफी उत्साहजनक रहा है और बड़ी संख्या में छात्रों ने मेहनत के दम पर शानदार सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और आगे भी इसी लगन से प्रयास जारी रखने की सलाह दी।

हालांकि, इस संदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उन छात्रों के लिए था जो असफल रहे। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों ही जरूरी पड़ाव हैं। जहां सफलता उत्साह बढ़ाती है, वहीं असफलता हमें सीख देती है। उन्होंने ‘चरैवेति-चरैवेति’ का मंत्र देते हुए कहा कि इसका अर्थ है लगातार आगे बढ़ते रहना, बिना रुके, बिना थके।

असफलता को अंत न समझें

उन्होंने छात्रों को समझाया कि एक असफलता को अंत नहीं, बल्कि नए अवसर की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए। अपने संदेश को और प्रभावशाली बनाने के लिए उन्होंने महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन का उदाहरण दिया, जिन्होंने हजारों बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और अंततः बल्ब का आविष्कार कर दुनिया को रोशनी दी। इसी तरह महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं।

इस साल के आंकड़े

इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल कक्षा 10वीं का कुल पास प्रतिशत 90.42% रहा, जबकि 12वीं में 80.38% छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। ये आंकड़े राज्य के शिक्षा स्तर में सुधार का संकेत देते हैं। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को भी अहम सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनकी रुचियों और क्षमताओं को समझना जरूरी है। अगर कोई बच्चा उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है, तो उसे डांटने या हतोत्साहित करने के बजाय उसका आत्मविश्वास बढ़ाना चाहिए।

अपने संदेश के अंत में सीएम योगी ने दोहराया कि कोई भी परीक्षा या उसका परिणाम जीवन का अंतिम सच नहीं होता, बल्कि यह एक नए सफर की शुरुआत का मौका देता है। सही दिशा, निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से हर छात्र अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है।

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