Bareilly : बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बदमाशों ने पुलिस पर सीधे गोलियां चला दीं। लाठीचार्ज के बीच लगातार फायरिंग की गई, जिसमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई लोगों को छर्रे लगे।
पुलिस ने मौके से कई अवैध हथियार बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बदमाश सिर्फ अशांति फैलाने और दंगा करने की नीयत से आए थे। अगर उनका मकसद शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देना होता, तो फायरिंग जैसी घटना नहीं होती।
कई स्थानों पर की गई फायरिंग
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने एक जगह नहीं, बल्कि दो से तीन जगहों पर हथियारों से फायरिंग की। घटनास्थल से छह से सात खाली कारतूस और कई अवैध असलहे मिले हैं। अब पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो भीड़ में हथियार लेकर पहुंचे थे।
बाहर के लोग भी शामिल होने की आशंका
जांच में यह भी शक जताया जा रहा है कि इस बवाल में बाहरी उपद्रवियों को बुलाया गया। इससे पहले बरेली में हुए कई दंगों में बाहरी अपराधियों के शामिल होने की घटना सामने आ चुकी है। पुलिस अपने क्रिमिनल डाटा बेस से सभी की पहचान मिलान कर रही है।
चप्पलें और कपड़े बिखरे मिले
लाठीचार्ज के बाद जब भीड़ भागी तो कई लोगों की चप्पलें, गमछे और फटे कपड़े घटनास्थल पर छूट गए। करीब 200 मीटर के इलाके में केवल चप्पलें और कपड़े बिखरे पड़े दिखाई दिए। वहीं, जगह-जगह पड़े पत्थर इस बात की गवाही दे रहे थे कि पुलिस पर भारी पथराव हुआ था।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को खाली नहीं छोड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद गश्त की और फिर मौके पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई, ताकि उपद्रवी दोबारा इकट्ठा न हो सकें।

