Dev Diwali: उत्तर प्रदेश के वाराणसी की पवित्र धरा इस बार देव दीपावली पर एक अनूठे संकल्प की साक्षी बनेगी। गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित भव्य गंगा आरती इस वर्ष 5 नवंबर को देश के वीरो के प्रति समर्पित होगी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित यह आरती केवल श्रद्धा का नहीं, बल्कि राष्ट्र गौरव और शौर्य का भी प्रतीक बनेगी। दशाश्वमेध घाट पर करीब 51 हजार दीपों की ज्योति से पूरा परिसर आलोकित होगा, और गगन में गूंजेगा “हर-हर गंगे, जय हिंद।”
कब से शुरू हुई ये परंपरा
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि तीन दशक से लगातार आयोजित हो रही इस आरती को 1999 के कारगिल युद्ध के बाद राष्ट्रीय स्वरूप मिला था।इस वर्ष, देव दीपावली के साथ ही आकाशदीप अभियान का समापन होगा, जो अमर बलिदानियों की स्मृति में हर वर्ष आयोजित किया जाता है। मिश्रा ने बताया कि गंगा तट पर मौजूद लाखों श्रद्धालु इस बार “एक संकल्प गंगा किनारे” के तहत मां गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने का संकल्प लेंगे।
हर कोना दीपों से सजेगा
आरती की शुरुआत वैदिक रीति से होगी, जहां 21 ब्राह्मण और 42 कन्याएं (रिद्धि-सिद्धि स्वरूप) मिलकर मां भगवती गंगा की पूजा करेंगी। राम जनम योगी के शंखनाद के साथ आरती आरंभ होगी और काशी विश्वनाथ डमरु दल के स्वयंसेवकों की उपस्थिति वातावरण को और भी दिव्य बना देगी। घाटों के भवनों का हर कोना दीपों से सजेगा, मानो धरती पर तारों का समंदर उतर आया हो।
देश के रक्षकों को विशेष सम्मान
देव दीपावली के इस आयोजन में देश के रक्षकों को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा। संस्था द्वारा निर्मित अमर जवान ज्योति पर एयर मार्शल बी. मणीकान्तन (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम), पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरिष्ठ अधिकारी, सीआईएसएफ और एनडीआरएफ के कमांडेंट्स द्वारा रिथ लेइंग (श्रद्धांजलि अर्पण) किया जाएगा। इसके बाद 39 जीटीसी के जवान गार्ड ऑफ ऑनर और लास्ट पोस्ट के साथ अमर शहीदों को सलामी देंगे।
इस भव्य आयोजन में वीर जवानों को भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित भी किया जाएगा। गंगा सेवा निधि ने बताया कि इस वर्ष की आरती आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद का संगम होगी जहां दीपों की रोशनी केवल गंगा के तट को नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल को भी रोशन करेगी।
दिव्य आरती का सीधा प्रसारण
श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी न बन पाने पर भी इससे जुड़ सकते हैं, क्योंकि गंगा सेवा निधि के YouTube चैनल (@gangaaartigangasevanidhi2261) पर इस दिव्य आरती का सीधा प्रसारण होगा। देव दीपावली की यह रात केवल काशी ही नहीं, पूरे भारतवर्ष को एक नई प्रेरणा देने जा रही है,जहां गंगा, वहीं शौर्य की गंगा जलती रहेगी।
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