Uttar Pradesh petrol pump rush: उत्तर प्रदेश के खेड़ी जिले के कुछ हिस्सों में गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब ईंधन की कमी की अफवाहें फैल गईं। निघासन, पल्लिया और भीरा जैसे इलाकों में लोग लंबी कतारों में खड़े होकर पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए दौड़ पड़े। अफवाहों के कारण कई पेट्रोल पंपों पर अस्थायी जाम लग गया, क्योंकि वाहन मालिक ईंधन का भंडारण करने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और जनता को शांत रहने का संदेश दिया।
अफवाहों का खंडन
जिला आपूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं आया है। उन्होंने कहा, “खेरी जिले में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी की अफवाहें निराधार हैं। ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।” उन्होंने निवासियों से अपील की कि वे केवल अपनी वास्तविक जरूरतों के अनुसार ही ईंधन का उपभोग करें और अफवाहों पर भरोसा न करें।
सिंह ने चेतावनी दी कि अगर किसी व्यक्ति को जमाखोरी करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, जिला मजिस्ट्रेट दुर्गा शक्ति नागपाल ने भी शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है।
स्थानीय वितरकों का भरोसा
स्थानीय ईंधन और एलपीजी वितरक संघों ने भी स्थिति को सामान्य बताया। खेरी पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित ने कहा कि जिले के पेट्रोल पंपों पर जनता की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
इसी तरह, एलपीजी वितरक संघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने पुष्टि की कि एलपीजी का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट न फैलाएं।
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति
राज्य भर में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। सरकार ने भी कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की अनुमति देकर ईंधन आपूर्ति में मदद की है, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता प्राप्त हुई है। सरकार का यह भी कहना है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की कमी नहीं है और जनता को अफवाहों में फंसने से बचना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ईंधन की अफवाहों ने अस्थायी तौर पर भय और भीड़ पैदा की, लेकिन प्रशासन और वितरक संघों की सक्रियता ने स्थिति को नियंत्रित किया। जनता को केवल अपने वास्तविक जरूरतों के अनुसार ईंधन का इस्तेमाल करना चाहिए और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

