MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में बुलेट बाइक चलाने वालों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ, जब पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सड़क पर रोड रोलर से कुचल दिया। शहर के टॉवर चौक पर सोमवार को यह अनोखी कार्रवाई देख सैकड़ों लोग जुट गए। डेढ़ महीने की अभियान के दौरान जब्त किए गए 50 से अधिक प्रतिबंधित साइलेंसरों और हूटरों को सार्वजनिक रूप से नष्ट किया गया।
ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण
इन कानफोड़ू साइलेंसरों की बाजार कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, ये साइलेंसर न सिर्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण भी बन चुके थे। अक्सर इनसे निकलने वाली “पटाखों जैसी तेज आवाज” से न केवल बुजुर्ग और बच्चे परेशान होते थे, बल्कि अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के आसपास शांति भी भंग होती थी।
कार्यवाही का नेतृत्व एडिशनल एसपी नीतेश भार्गव ने किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से पुलिस को ऐसे बुलेट चालकों की शिकायतें मिल रही थीं, जो रात-दिन सड़कों पर रफ्तार के साथ कानफोड़ू धमाके जैसी आवाजें निकालते थे। कई बार समझाइश देने और चालान करने के बाद भी यह प्रवृत्ति नहीं रुकी, इसलिए अब पुलिस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
सख्त और जरुरी कदम
SSP ने कहा, “इन साइलेंसरों से निकलने वाली आवाजें न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि बुजुर्गों और मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हैं। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण कानून के तहत ऐसी हरकतों पर अब सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक-एक कर सभी जब्त साइलेंसरों को लाइन में लगाया और फिर रोड रोलर चलाकर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस नज़ारे को देखने के लिए स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कुछ युवाओं ने इसे “सख्त लेकिन जरूरी कदम” बताया, वहीं कई लोगों ने कहा कि अब शहर में थोड़ी राहत मिलेगी।
शहर में मिसाल
उज्जैन पुलिस का यह ‘रोलर एक्शन’ शहर में मिसाल बन गया है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि आगे से कोई भी वाहन मालिक मॉडिफाइड साइलेंसर या हूटर लगाता पाया गया, तो उसका चालान काटने के साथ वाहन भी जब्त कर लिया जाएगा। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद उज्जैन की सड़कों पर पहली बार शांति की आवाज़ सुनाई देने लगी है।
ये भी पढ़े – CJI : भारत को जल्द मिलेगा नया CJI, जस्टिस सूर्यकांत बन सकते हैं देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश

