Food Poisoning Case: झारखंड के गिरिडीह से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने सड़क किनारे मिलने वाले खाने की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीषण गर्मी के बीच जहां लोग राहत के लिए चटपटे व्यंजनों का सहारा लेते हैं, वहीं यही स्वाद अब जानलेवा साबित हो रहा है।
क्या है पूरा मामला
मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बजटों गांव में शनिवार शाम एक फेरीवाला गोलगप्पे और छोले बेचने पहुंचा। गांव के बच्चों और महिलाओं ने बड़ी संख्या में इन खाद्य पदार्थों का सेवन किया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद हालात अचानक बिगड़ने लगे। लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
रविवार तक स्थिति और गंभीर हो गई। एक के बाद एक लोग बीमार पड़ने लगे और करीब 20-25 लोग फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए। सभी को आनन-फानन में गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 18 बच्चों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक कई बच्चों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
गांव में पसरा मातम
इस दर्दनाक घटना में 6 वर्षीय रंजन कुमार जिंदगी की जंग हार गया। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। इस खबर के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि फेरीवाले द्वारा बेचे गए गोलगप्पे और छोले दूषित थे, जिनके सेवन से यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उपायुक्त रामनिवास यादव, सदर एसडीएम श्रीकांत यशवंत और एसडीपीओ जितवाहन उरांव अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
फेरीवाले की तलाश
स्वास्थ्य विभाग की टीम फिलहाल बजटों गांव में कैंप कर रही है। गांव में घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो बीमार तो हैं लेकिन अभी अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। साथ ही सभी मरीजों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए गए हैं। इधर प्रशासन ने फेरीवाले की तलाश तेज कर दी है। खाद्य सुरक्षा विभाग को संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि गर्मी के मौसम में खुले और असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन कितना खतरनाक हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो जाती है।

