Delhi Monsoon Session : सोमवार से दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र डिजिटल होगा, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए विधेयक पेश करेंगी। सत्र में CAG की दो रिपोर्टें भी पेश होंगी। बता दें कि मानसून सत्र पूरी तरह डिजिटल होगा, जिससे कागज का उपयोग बंद हो जाएगा। विधायक ई-पेपर से सवाल पूछेंगे।
स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए विधेयक पेश
लंबे समय से निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली की शिकायत करते आ रहे हैं। बीजेपी सरकार अब इस पर सख्ती दिखाने जा रही है। माना जा रहा है कि नया कानून निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम लगाएगा और पारदर्शिता लाएगा।
टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से होगा कार्य
इस बार के सत्र के दौरान विधायकों को अपने सवाल और अन्य दस्तावेज ई-पेपर के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी मंत्री अधिकारी और विधायक अब टैबलेट और लैपटॉप के माध्यम से कार्यवाही में भाग लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इसे नई तकनीक से जुड़ी लोकतांत्रिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
डिजिटल सत्र से जुड़ी कुछ खास बातें-
- सभी प्रश्नोत्तर, विधेयक, रिपोर्ट्स और कार्यसूचियां ई-बुक के रूप में विधायकों को मिलेंगी।
- कार्यवाही के दौरान किसी भी दस्तावेज की हार्ड कॉपी वितरित नहीं की जाएगी।
- विधानसभा परिसर में डिजिटल स्क्रीन, प्रोजेक्टर और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था की गई है।
- विधायकों और अधिकारियों को इसके लिए विशेष आईटी ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
बता दें कि देश में इससे पहले केरल, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड विधानसभा आंशिक रूप से पेपरलेस हो चुके हैं। लेकिन दिल्ली विधानसभा पहली मेट्रो राजधानी विधानसभा है जो पूरी तरह डिजिटल सत्र आयोजित कर रही है।
8 अगस्त तक विधानसभा सत्र
बता दें कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को जानकारी दी थी कि राष्ट्रीय राजधानी में इस बार का विधानसभा सत्र 4 अगस्त से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगा। इस बार के विधानसभा सत्र में शिक्षा से जुड़ा नया बिल लाया जाएगा।
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