Delhi News: दिवाली की जगमगाती रात दिल्ली के लिए रोमांच और डर दोनों लेकर आई। जहां एक ओर शहर रोशनी से नहा रहा था, वहीं दूसरी ओर राजधानी में 400 से अधिक स्थानों पर आगजनी की घटनाओं ने दमकल विभाग को पूरी रात अलर्ट पर रखा। सबसे बड़ी घटना संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में हुई, जहाँ देर रात एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। हालांकि, फायर कर्मियों की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई।
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के अनुसार, दीपावली की रात रात 12 बजे तक कुल 269 फायर कॉल्स दर्ज की गईं, जबकि रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक 138 कॉल्स और आईं। यानी कुल मिलाकर 400 से अधिक आग की घटनाएं रिपोर्ट हुईं जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं।
संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में भीषण अग्निकांड
राजधानी का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर सोमवार रात अफरा-तफरी के माहौल में बदल गया, जब करीब 1:30 बजे एक बहुमंजिला बिल्डिंग में आग भड़क उठी। सूचना मिलते ही 27 फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग इतनी भीषण थी कि बिल्डिंग का पूरा गोदाम और दुकानों का हिस्सा जलकर राख हो गया।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका औद्योगिक गतिविधियों और गोदामों से भरा हुआ है, जिससे आग तेजी से फैल गई। टीमों ने आसपास की इमारतों को सुरक्षित कर बड़ी दुर्घटना को टाल दिया। अधिकारियों के मुताबिक, आग का मुख्य कारण स्टोरेज मटेरियल में लगी चिंगारी या पटाखों से निकली चिंगारी हो सकती है, हालांकि जांच अभी जारी है।
पूरी रात अलर्ट पर रही दमकल टीमें
दिल्ली फायर सर्विस ने पहले से ही 23 संवेदनशील लोकेशनों पर फायर टेंडर तैनात किए थे, जिनमें औद्योगिक और घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल थे। विभाग ने बताया कि अधिकांश घटनाएं पटाखों और लापरवाही के कारण हुईं। छोटे पैमाने की आगजनी की घटनाएं पूरे शहर में फैली रहीं कहीं झाड़ियों में, तो कहीं कचरे के ढेर में या मकानों की छतों पर।
दमकल अधिकारियों ने राहत की बात यह बताई कि इतनी बड़ी संख्या में आग की घटनाओं के बावजूद किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। विभाग ने अपील की है कि त्योहारों पर लोग सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि उत्सव का माहौल हादसे में न बदल जाए।
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