World Athletics Championships 2025 : जापान के टोक्यो में चल रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में अपने पहले ही प्रयास में 84.85 मीटर भाला फेंककर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। ऑटोमेटिक क्वालिफिकेशन का मानक 84.50 मीटर था, जिसे नीरज ने आसानी से पार कर लिया।
खिताब बचाने की ओर बढ़ते नीरज
27 वर्षीय नीरज ने 2023 में बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब उनकी नजर टोक्यो में अपने खिताब का बचाव करने पर है। अगर वे इसमें सफल होते हैं, तो वह इतिहास के केवल तीसरे भाला फेंक एथलीट होंगे जो वर्ल्ड चैंपियनशिप में लगातार दूसरा खिताब जीत पाएंगे।
बाकी एथलीटों का प्रदर्शन
नीरज के अलावा ग्रुप-ए से पहले प्रयास में कोई भी अन्य एथलीट क्वालीफाई नहीं कर पाया। पहले प्रयास में 84 मीटर का आंकड़ा कोई और खिलाड़ी नहीं छू सका। केशोर्न वालकॉट (83.93 मीटर), जूलियन वेबर (82.29 मीटर), साइप्रियन मिर्जीग्लोड (81.47 मीटर), जैकब वाडलेज्च (80.46 मीटर) और सुमेधा रणसिंघे (80.36 मीटर) शीर्ष थ्रोअर रहे।
दूसरे भारतीय सचिन यादव ने 80.16 मीटर का थ्रो किया।
नीरज का शानदार फॉर्म
साल 2025 की शुरुआत में नीरज ने दोहा डायमंड लीग में 90.23 मीटर का थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि इस सीजन में वे जर्मनी के जूलियन वेबर (91.51 मीटर) और ब्राजील के लुईज दा सिल्वा के बाद तीसरे स्थान पर हैं। दोहा में वेबर ने नीरज को हराते हुए 91.51 मीटर थ्रो किया था।
भारत का सबसे बड़ा दल
इस बार भारत की ओर से पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा के साथ सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव भी हिस्सा ले रहे हैं। यह पहली बार है जब विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक ही स्पर्धा में चार भारतीय एथलीट उतर रहे हैं।
भारत का अब तक का रिकॉर्ड
अब तक भारत ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में केवल तीन पदक जीते हैं। अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 पेरिस चैंपियनशिप में लंबी कूद में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद नीरज ने 2022 ओरेगन में रजत और 2023 बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीता।
टोक्यो में कड़ी चुनौती
टोक्यो में नीरज को जर्मनी के जूलियन वेबर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और पाकिस्तान के अरशद नदीम जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। इसके अलावा अमेरिकी स्प्रिंट स्टार नोआ लाइल्स, डच हर्डलर फेमके बोल और जापान की हारुका कितागुची भी चैंपियनशिप के प्रमुख आकर्षण हैं।

