Vaishakh Vinayak Chaturthi 2026: हिंदू आस्था में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर माह आने वाली विनायक चतुर्थी का अपना विशेष महत्व होता है, लेकिन वैशाख माह की चतुर्थी को अत्यंत फलदायी माना गया है। वर्ष 2026 में यह पावन व्रत 20 अप्रैल, सोमवार को पड़ रहा है और इस बार इसका महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि इस दिन शुभ शोभन योग का संयोग भी बन रहा है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग में की गई पूजा और साधना कई गुना अधिक फल देती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की आराधना करने पर जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
शोभन योग क्यों है खास?
शोभन योग को अत्यंत शुभ और सौभाग्य बढ़ाने वाला योग माना जाता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का प्रभाव अधिक शक्तिशाली माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस योग में गणपति की पूजा करने से घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
ऐसे करें विनायक चतुर्थी की पूजा
इस दिन सुबह स्नान कर घर के पूजा स्थान को स्वच्छ करें और वहां गणेश जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान को विराजमान करें। इसके बाद गंगाजल से शुद्धिकरण करें और दूर्वा, लाल पुष्प, मोदक या लड्डू अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें और गणेश मंत्र या चालीसा का पाठ करें। व्रत रखने वाले भक्त दिनभर उपवास रखें और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।
व्रत में रखें ये सावधानियां
इस व्रत के दौरान सात्विक आहार का पालन करना चाहिए और मन में शुद्धता बनाए रखनी चाहिए। किसी का अपमान न करें और संयमित व्यवहार रखें। संभव हो तो जरूरतमंदों को लाल फल या अनाज का दान करना शुभ माना जाता है।
व्रत का आध्यात्मिक लाभ
वैशाख विनायक चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो जीवन में बार-बार बाधाओं का सामना कर रहे हों। यह व्रत बुद्धि, विवेक और धन-समृद्धि में वृद्धि करने वाला माना गया है। आज का दिन आस्था, साधना और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है सही विधि से पूजा करने पर बप्पा की कृपा जीवन में नई राह खोल सकती है।
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