Khawaja Speaking in Parliament: पाकिस्तान की संसद में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया और फेंक दिया। रक्षा मंत्री आसिफ ने संसद में अफगानिस्तान युद्धों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर पछतावा जाहिर किया।
पाकिस्तान को मोहरा बनाया गया
रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा कि 1980 के दशक में रूस के खिलाफ अफगानिस्तान में अमेरिका ने विद्रोह को बढ़ावा दिया। तालिबान ने इस जिहाद बताया लेकिन यह जिहाद नहीं था और पाकिस्तान ने स्वयं अपने लोगों को इस विद्रोह में शामिल किया। इसके बाद 2001 में अमेरिका के लिए पाकिस्तान तालिबान के खिलाफ हो गया। इस दौरान अमेरिका चला गया और पाकिस्तान-तालिबान एक दूसरे के खिलाफ हो गए। पाकिस्तान में आर्थिक अस्थिरत और आतंकवाद का दौर शुरू हो गया।
अमेरिका के युद्धों की कीमत पाकिस्तान ने चुकाई
संसद में आसिफ ने कहा अमेरिका ने अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जंगों में पाकिस्तान को झोंक दिया। परिणाम रहा कि पाकिस्तान ने इसकी कीम चुकाई। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों को अमेरिकी समर्थन चाहिए था, इसलिए वे इन फैसलों में शामिल हुईं। अब पाकिस्तान को इन गलतियों की भरपाई करनी पड़ रही है।
इस नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी
आसिफ ने कहा, ‘इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती। ‘ उन्होंने इन फैसलों को अपरिवर्तनीय गलतियां करार देते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से पाकिस्तान दूसरों की जंगों में एक मोहरा बनकर रह गया।
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