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World Organ Donation Day 2025 : छोटा कदम, किसी के लिए नई जिंदगी

World Organ Donation Day 2025 : हर साल 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में अंगदान की अहमियत के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके और उन दाताओं व उनके परिवारों को सम्मान दिया जा सके जिन्होंने अपनी निस्वार्थ भावना से किसी की जिंदगी बचाई। इस साल यानी 2025 में यह दिन बुधवार को मनाया जाएगा और इसका विषय है “पुकार का उत्तर देना”। यह विषय अंगदान और प्रत्यारोपण गठबंधन द्वारा तय किया गया है, जो न केवल अंगदान में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने का संदेश देता है, बल्कि इस क्षेत्र में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के योगदान को भी सराहता है।

क्या है अंगदान का इतिहास?

दुनिया का पहला सफल अंग प्रत्यारोपण 1954 में हुआ था, जब रोनाल्ड ली हेरिक ने अपने जुड़वां भाई को किडनी दान की थी। इस सर्जरी के लिए डॉ. जोसेफ मरे को 1990 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार मिला।

भारत में पहले राष्ट्रीय अंग दिवस की शुरुआत 2010 में हुई थी और इसे 27 नवंबर को मनाया जाता था। लेकिन 2023 से, इसे 3 अगस्त को मनाया जाने लगा, जो 1994 में भारत के पहले सफल मृतक-दाता हृदय प्रत्यारोपण की तारीख को याद करता है।

दुनिया में अंगदान की स्थिति

यूनाइटेड नेटवर्क फॉर ऑर्गन शेयरिंग (UNOS) के अनुसार, इस समय दुनिया भर में 1 लाख 3 हजार 993 से ज्यादा लोग अंग सर्जरी का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उपलब्ध दाताओं की संख्या बहुत कम है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।

विश्व अंगदान दिवस क्यों मनाया जाता है?

  • लोगों को अंगदान के महत्व के बारे में जानकारी देना।
  • जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध अंगों की कमी को उजागर करना।
  • अधिक से अधिक लोगों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना।
  • अंगदाताओं और उनके परिवारों को उनके साहस और त्याग के लिए सम्मानित करना।

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भारत में अंगदान का संकल्प कैसे लें?

एम्स के ऑर्गन रिट्रीवल बैंकिंग ऑर्गनाइजेशन (ORBO) के अनुसार, अंगदान के दो तरीके हैं
1. जीवित रहते हुए संकल्प लेना –एक अंगदान फॉर्म भरना होता है, इसमें दो गवाह होने चाहिए, जिनमें से एक नजदीकी रिश्तेदार हो।
2. मृत्यु के बाद परिवार की सहमति से – अगर पहले से पंजीकरण नहीं है, तब भी परिवार के सदस्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करके अंगदान कर सकते हैं।

अंगदान किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा उपहार है। इस विश्व अंगदान दिवस पर हमें यह समझना चाहिए कि हमारा छोटा सा कदम किसी के लिए नई जिंदगी बन सकता है। जागरूकता, भागीदारी और सहयोग ही इस दिशा में सबसे बड़ी ताकत है।

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