Rajnath Singh: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की संभावित भूमिका को लेकर बड़ा संकेत सामने आया है। जर्मनी दौरे पर पहुंचे भारत के रक्षा मंत्रीराजनाथ सिंह ने साफ कहा कि अभी भले ही भारत सीधे तौर पर मध्यस्थता नहीं कर रहा, लेकिन आने वाले समय में इंडिया इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
“हर चीज का होता है सही समय”
राजनाथ सिंह ने संकेत दिया कि मौजूदा हालात में परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, लेकिन भविष्य में बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी शांति स्थापित करने के प्रयास किए हैं। नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से संघर्ष खत्म करने की अपील की है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, कूटनीति में समय सबसे अहम होता है और सही वक्त आने पर भारत अपनी भूमिका निभा सकता है।
ईरान-अमेरिका तनाव पर नजर
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। हाल ही में पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाईं। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोई तीसरा देश इस गतिरोध को तोड़ सकता है और इसी संदर्भ में भारत का नाम चर्चा में है।
भारत का संतुलित रुख
राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में भारत हमेशा संतुलन और संवाद की नीति पर चलता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता युद्ध को रोकना और स्थायी शांति स्थापित करना है। यही कारण है कि भारत किसी भी पक्ष में झुकाव दिखाने के बजाय समाधान की दिशा में काम करता है।
ऊर्जा सुरक्षा पर भी चिंता
रक्षा मंत्री ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट का असर भारत की ऊर्जा जरूरतों पर भी बताया। उन्होंने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होरमज का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी भी तरह की बाधा भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में कोई भी क्षेत्रीय संकट सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है चाहे वह ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा या आर्थिक स्थिरता हो।
जर्मनी के साथ मजबूत होते रिश्ते
अपने दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने जर्मनी के साथ भारत के बढ़ते रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भरोसेमंद साझेदारी बेहद जरूरी है और भारत-जर्मनी संबंध इसी दिशा में मजबूत हो रहे हैं। राजनाथ सिंह के इस बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले समय में भारत वैश्विक शांति के प्रयासों में बड़ी भूमिका निभा सकता है बस इंतजार है सही समय का।

