India US Trade Deal : भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईरान में स्थित रणनीतिक चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी प्रतिबंधों का कोई असर नहीं पड़ेगा। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को कहा कि यह परियोजना भारत के लिए अहम रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखती है, इसलिए इस पर अमेरिकी बैन लागू नहीं होंगे।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत
विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता में बताया कि भारत और अमेरिका के बीच फिलहाल एक बड़ी ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया में हैं और चर्चाएं सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं। आगे के किसी भी अपडेट के लिए वाणिज्य मंत्रालय से जानकारी ली जा सकती है।”
370 मिलियन डॉलर का वादा
भारत ने पिछले साल मई में ईरान के साथ 10 साल का समझौता (लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट) किया था। इसके तहत सरकारी कंपनी इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) ने चाबहार पोर्ट के विकास के लिए करीब 370 मिलियन डॉलर निवेश का वादा किया था। यह पोर्ट भारत, अफगानिस्तान और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक संपर्क का एक अहम द्वार माना जाता है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए कड़े प्रतिबंध
यह भी गौर करने योग्य है कि 2018 में ट्रंप प्रशासन ने भी भारत को चाबहार परियोजना पर काम जारी रखने की विशेष अनुमति दी थी, जबकि उसी दौरान अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे। उस समय चाबहार को अफगानिस्तान के लिए एक मानवीय और व्यापारिक मार्ग के रूप में देखा गया था।
क्या कहा रणधीर जायसवाल ने?
रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत हाल ही में रूसी तेल कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों का असर समझने और उसका विश्लेषण करने में जुटा है। उन्होंने कहा, “हम वैश्विक ऊर्जा बाजार के बदलते हालात पर नजर रखे हुए हैं। भारत की प्राथमिकता अपने 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए हम सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा के लिए सभी संभावित स्रोतों से खरीद जारी रखेंगे।”
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विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम चर्चाएं चल रही हैं। चाबहार पोर्ट इस साझेदारी और भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी रणनीति दोनों के लिए एक प्रमुख कड़ी माना जा रहा है।

