Weight Loss Winter Food: सर्दियों का मौसम आते ही बहुत से लोगों को वजन बढ़ने की चिंता सताने लगती है। ठंड के दिनों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और खानपान में तले-भुने, मसालेदार और मीठे पकवानों की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में सही डाइट का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है। यहां हम आपको उन विंटर फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जो न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं, बल्कि वजन को कंट्रोल करने में भी मददगार साबित होते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां
सर्दियों में हरी सब्जियों की भरमार होती है। चौलाई, पालक, सरसों, मेथी, बथुआ, चने का साग और सोया साग जैसी सब्जियां गर्म तासीर की होती हैं। ये पोषण से भरपूर होने के साथ कैलोरी में कम होती हैं। आमतौर पर इन्हें बनाने में ज्यादा तेल और मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए ये वजन नियंत्रित रखने और ठंड से बचाव के लिए बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं।
नट्स और बीज
शरीर को ऊर्जा देने के लिए हेल्दी फैट्स और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। इसके लिए बादाम, अखरोट जैसे नट्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनकी तासीर गर्म होती है। इसके अलावा अलसी, चिया सीड्स और कद्दू के बीज जैसे सीड्स भी अच्छे फैट और प्रोटीन का स्रोत हैं, जो शरीर को गर्म रखने में सहायक होते हैं।
दालचीनी
भारतीय रसोई में दालचीनी का खास स्थान है। यह मसाला मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है, जिससे वजन घटाने में सहूलियत मिलती है। साथ ही इसकी गर्म तासीर सर्दियों में शरीर को गर्म रखने का काम करती है। दालचीनी की चाय या सुबह खाली पेट दालचीनी का पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।
अदरक
अदरक को सर्दियों का रामबाण माना जाता है। यह फैट बर्न करने में मदद करता है और शरीर की गर्माहट बनाए रखता है। जुकाम, खांसी, सूजन और मांसपेशियों की अकड़न जैसी समस्याओं में अदरक राहत पहुंचाती है। अदरक की चाय तनाव कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी कारगर मानी जाती है।
हल्दी वाला दूध
ठंड के मौसम में हल्दी वाला दूध सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है। इसमें थोड़ी सी काली मिर्च मिलाने से कैल्शियम के अवशोषण में मदद मिलती है और यह फैट कटिंग में भी सहायक होती है। हल्दी वाला दूध बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद है। यह अच्छी नींद लाने के साथ-साथ सर्दियों में होने वाले दर्द, खांसी और जुकाम से भी बचाव करता है। वजन बढ़ने की चिंता हो तो फुल क्रीम दूध की जगह टोन्ड दूध का इस्तेमाल करें।
