Rock Salt Heart Attack Risk: स्वस्थ रहने की चाह में आजकल लोग अपनी डाइट में सफेद नमक की जगह सेंधा नमक को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसे प्राकृतिक और ज्यादा फायदेमंद मानकर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या जरूरत से ज्यादा सेंधा नमक का सेवन वास्तव में दिल के लिए सुरक्षित है? विशेषज्ञों का कहना है कि नमक चाहे कोई भी हो, उसका सीधा असर ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि सेंधा नमक का अधिक उपयोग कहीं हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं बढ़ा रहा।
सेंधा नमक और सामान्य नमक में क्या है फर्क
सेंधा नमक और आम सफेद नमक का मुख्य तत्व सोडियम क्लोराइड ही होता है। अंतर सिर्फ इतना है कि सेंधा नमक कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे कुछ सूक्ष्म खनिज बेहद सीमित मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, ये खनिज इतने कम होते हैं कि दिल की सेहत को लेकर कोई ठोस सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाते।
क्या सेंधा नमक से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा?
डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट अटैक का जोखिम नमक के प्रकार से नहीं, बल्कि शरीर में जाने वाले कुल सोडियम की मात्रा से जुड़ा होता है। चाहे सेंधा नमक हो या साधारण नमक, अधिक सेवन करने पर दोनों ही ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर बना रहना हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन सकता है। यह धारणा गलत है कि “नेचुरल” होने के कारण सेंधा नमक को जितना चाहें उतना खाया जा सकता है। शरीर के लिए दोनों प्रकार के नमक से मिलने वाला सोडियम एक जैसा ही असर करता है। ज्यादा सोडियम से शरीर में पानी रुकता है, दिल पर दबाव बढ़ता है और रक्त नलिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है।
दिल की सेहत के लिए नमक कितना नुकसानदेह?
विशेषज्ञ मानते हैं कि दिल की बीमारियों का खतरा सिर्फ सेंधा नमक से नहीं, बल्कि कुल नमक की मात्रा, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड का ज्यादा सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान, डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसे कारणों से बढ़ता है। सेंधा नमक अपने आप में हार्ट अटैक का कारण नहीं है, लेकिन इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, कम नमक और सक्रिय जीवनशैली सबसे अहम मानी जाती है।
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