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Ramadan 2026: रमजान में रोजा रखते समय कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए जरूरी बातें

Ramadan 2026: इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र और अहम माना जाता है। इस दौरान दुनियाभर के मुस्लिम रोजा रखते हैं और सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाने-पीने से परहेज करते हैं। रमजान को इबादत, आत्मचिंतन और संयम का महीना कहा जाता है। इस दौरान सब्र और आत्म-अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

रोजा रखने वाले लोग सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी (सुहूर) करते हैं, जो आमतौर पर तड़के लगभग 4 बजे होती है। इसके बाद रोजा शुरू होता है और 13-14 घंटे बाद सूर्यास्त के समय इफ्तार किया जाता है। पूरे दिन बिना पानी के रहने के कारण शरीर में कमजोरी या डिहाइड्रेशन की आशंका रहती है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।

किन लोगों को छूट?

रमजान में रोजा रखना हर स्वस्थ मुस्लिम पर फर्ज माना गया है। हालांकि गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों या खास मेडिकल कंडीशन वाले व्यक्तियों को छूट दी जाती है। लंबे समय तक बिना पानी के रहने से चक्कर आना, थकान या कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सेहतमंद लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए।

सहरी में क्या खाएं?

सहरी का भोजन पूरे दिन की ऊर्जा का आधार होता है। इसलिए इसमें संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है।

पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खीरा या अन्य मौसमी फल शामिल करें।

सलाद और हल्का, सुपाच्य भोजन लें।

छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी जैसे हेल्दी ड्रिंक फायदेमंद होते हैं।

दूध में 3-4 खजूर उबालकर सेवन करने से तुरंत ऊर्जा मिलती है और दिनभर स्फूर्ति बनी रहती है।

ध्यान रखें कि ज्यादा भारी या तैलीय भोजन पाचन पर असर डाल सकता है।

किन चीजों से बढ़ती है प्यास?

सहरी में नमक की मात्रा कम रखें, क्योंकि ज्यादा नमक दिनभर प्यास बढ़ा सकता है। तले-भुने और ज्यादा मसालेदार व्यंजनों से भी दूरी बनाना बेहतर है। ये चीजें शरीर में पानी की कमी और अपच का कारण बन सकती हैं।

बातचीत और शारीरिक गतिविधि पर नियंत्रण

रोजा के दौरान सामान्य बातचीत से समय आसानी से गुजर जाता है, लेकिन बहुत ज्यादा बोलना या तेज आवाज में बात करना गले को सुखा सकता है और ऊर्जा भी खर्च होती है।

इसके अलावा भारी काम या ज्यादा भागदौड़ से बचना चाहिए, खासकर तेज धूप में। इससे डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या बढ़ सकती है।

व्यायाम का सही समय

जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें रमजान में वर्कआउट का समय बदल लेना चाहिए। सुबह की बजाय इफ्तार के 2 से 3 घंटे बाद हल्का व्यायाम करना बेहतर होता है। बहुत ज्यादा हैवी वर्कआउट से परहेज करें।

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