Health Tips : शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला विटामिन D, जब अत्यधिक मात्रा में लिया जाए, तो जानलेवा भी साबित हो सकता है। विशेष रूप से हृदय और गुर्दों के लिए यह अत्यधिक खतरनाक हो सकता है।
विटामिन D ज़रूरी लेकिन मात्रा मायने रखती है
विटामिन D हड्डियों की मजबूती, लेकिन अत्यधिक विटामिन D लेने से ब्लड में कैल्शियम की मात्रा बहुत बढ़ने लगती है। इस स्थिति को हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं। यह आपके शरीर में जमा होता है। इसलिए बहुत ज्यादा लेने पर टॉक्सिसिटी का खतरा बढ़ जाता है।
गुर्दों और हृदय पर प्रभाव
कैल्शियम जमाव (nephrocalcinosis) से किडनी स्टोन बनते हैं और किडनी की कार्यक्षमता अचानक गिर सकती है। यह किडनी फेल्योर तक ले जा सकता है। उच्च कैल्शियम दिल की धड़कन में गड़बड़ी (arrhythmia), पल्स के अराजक बदलाव, और धमनी कठोरता (vascular calcification) का कारण बनता है। जो हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियक अरेस्ट सहित गंभीर दिक्कतें खड़ी कर सकता है।
विटामिन D ज़्यादा लेने से हुआ निधन
2024 में लंदन में 89 वर्षीय डेविड मिचेनर का विटामिन D ज़्यादा लेने से निधन हो गया। उन्होंने लगभग नौ महीनों तक बेहद उच्च मात्रा ली थी, जिससे उनकी कैल्शियम स्तर रिकॉर्ड तक पहुंच गया। उन्हें किडनी व दिल की विफलता हुई। कोरॉनेट की रिपोर्ट में सप्लीमेंट पैकेजिंग पर जोखिमों के चेतावनी न होने की बात कही गई।
सबसे ज्दाया प्रभाव किस पर पड़ता है?
विटामिन D की ज्यादा मात्रा का असर सबसे पहले किडनी पर पड़ता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, इससे किडनी में स्टोन, कैल्शियम जमना (नेफ्रोकेल्सिनोसिस) और अचानक किडनी खराब होने की समस्या हो सकती है. इसके बाद सबसे ज्यादा असर हार्ट पर पड़ता है और इसके कारण हार्ट अटैक तक हो सकता है।
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सावधानी ही सबसे बड़ी दवा
विटामिन D बेहद जरूरी है, लेकिन ज्यादा अक्सर अधिक लाभ नहीं होता बल्कि नुकसान दे सकता है। बिना डॉक्टर से सलाह लिए लेबल के निर्देश से अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। नियमित ब्लड टेस्ट (विटामिन D व कैल्शियम दोनों) से स्तरों की निगरानी जरुरी है, खासकर जब उच्च खुराक ली जा रही हो।

