Eye diseases symptoms: हमारी आंखें केवल दुनिया को देखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि शरीर के भीतर चल रही हलचल का सबसे संवेदनशील संकेत भी होती हैं। आंखों में होने वाला हल्का सा बदलाव कई बार बड़ी बीमारी की ओर इशारा कर देता है। धुंधलापन, पीलापन, उभार, बार-बार फड़कना या ज्यादा मैल आना ये सभी लक्षण बताते हैं कि शरीर के किसी सिस्टम में गड़बड़ी शुरू हो चुकी है।
अक्सर लोग इन संकेतों को थकान, मोबाइल स्क्रीन या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। डायबिटीज, थायरॉइड, लिवर, नर्वस सिस्टम और ऑटोइम्यून डिजीज जैसी समस्याएं सबसे पहले आंखों के जरिए संकेत देती हैं।
आंखों के बदलते संकेत क्या कहते हैं?
• अचानक धुंधला दिखना
अगर अचानक नजर धुंधली हो जाए, तो यह ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। कई मामलों में यह माइग्रेन या स्ट्रोक की शुरुआती चेतावनी भी हो सकती है।
• क्या करें: ऐसी स्थिति में देर न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
• लगातार धुंधलापन
अगर लंबे समय से नजर साफ नहीं दिख रही है, तो यह डायबिटीज से जुड़ी आंखों की बीमारी, डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत हो सकता है।
• क्या करें: ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें और नियमित आई चेकअप कराएं।
• आंखों का उभर आना
आंखों का आगे की ओर निकलना थायरॉइड हॉर्मोन के असंतुलन की ओर इशारा करता है। इसके साथ घबराहट, वजन कम होना और पसीना ज्यादा आना भी हो सकता है।
• क्या करें: थायरॉइड टेस्ट कराएं और आई स्पेशलिस्ट से जांच जरूरी है।
• कॉर्निया के चारों ओर सफेद घेरा
कम उम्र में आंखों के चारों ओर सफेद या ग्रे रिंग दिखना बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
• क्या करें: लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं और खानपान सुधारें।
• पलक का बार-बार झपकना
अगर पलक पर कंट्रोल नहीं रहता, तो यह मायस्थेनिया ग्रेविस जैसी नर्व और मसल से जुड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।
• क्या करें: न्यूरोलॉजिस्ट से तुरंत सलाह लें।
• आंखों का पीला पड़ना
आंखों और त्वचा का पीलापन जॉन्डिस और लिवर की खराबी का संकेत देता है।
• क्या करें: लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं और शराब व तला-भुना खाना बंद करें।
• आंख फड़कना
ज्यादातर मामलों में यह थकान, स्ट्रेस या नींद की कमी से होता है, लेकिन लंबे समय तक रहे तो जांच जरूरी है।
• रात में कम दिखना
यह विटामिन A की कमी, मोतियाबिंद या आंखों की अन्य बीमारियों का संकेत हो सकता है।
• आइब्रो का झड़ना
भौंहों के बाल गिरना थायरॉइड हॉर्मोन की कमी से जुड़ा हो सकता है।
• आंखों से ज्यादा मैल आना
यह एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस या बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत है।
आंखों को सुरक्षित रखने के 11 जरूरी टिप्स
- हर 6-12 महीने में आंखों की जांच कराएं
- विटामिन A, C, E और ओमेगा-3 से भरपूर डाइट लें
- रोज 5-10 मिनट आई एक्सरसाइज करें
- अंधेरे में फोन न चलाएं
- कम रोशनी में पढ़ने से बचें
- स्क्रीन से आंखों की सही दूरी रखें
- कमरे की रोशनी संतुलित रखें
- रोज 7-8 घंटे की नींद लें
- आंखों को साफ पानी से धोते रहें
- फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं
- शुगर, जंक फूड और एनर्जी ड्रिंक से दूरी बनाएं
आंखें शरीर का आईना हैं। इनमें दिखने वाले बदलावों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच और सही लाइफस्टाइल अपनाकर न सिर्फ आंखों, बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
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