Cancer Symptoms in Children : कैंसर आज सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बीमारी का पता शुरुआती स्तर पर चल जाए तो इलाज आसान और सफल हो सकता है। सितंबर का महीना दुनियाभर में पीडियाट्रिक कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है, ताकि लोगों को बच्चों में कैंसर के बारे में जागरूक किया जा सके।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत में मस्कुलोस्केलेटल ऑन्कोलॉजी और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अक्षय तिवारी ने बताया कि बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर बहुत सामान्य दिखाई देते हैं। यही वजह है कि कई बार माता-पिता इन्हें नज़रअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि इन संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए तो बच्चे की जान बचाई जा सकती है।
बच्चों में कैंसर के संभावित लक्षण
डॉ. तिवारी के अनुसार, बच्चों में कैंसर (Cancer Symptoms in Children) के लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं, लेकिन अगर ये लंबे समय तक बने रहें तो इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी है। इसके प्रमुख लक्षण हैं कि बार-बार और लंबे समय तक बुखार रहना, जो दवाओं से ठीक न हो। बिना चोट लगे खून आना या शरीर पर नीले निशान पड़ना। लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना। अचानक वजन कम होना या भूख का न लगना।
विशेष संकेत
- बाहों, पैरों या शरीर के किसी हिस्से में सूजन या गांठ।
- हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द रहना।
- गर्दन, बगल या कमर में सख्त और दर्द रहित गांठें।
- आंखों की रोशनी कम होना या धुंधला दिखना।
- सिरदर्द के साथ उल्टी होना।
कब डॉक्टर से मिलें?
जब लक्षण सामान्य इलाज से ठीक न हों। परिवार में पहले से कैंसर का इतिहास हो तो अतिरिक्त सतर्कता बरतें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चे की नियमित जांच कराना जरूरी है। इससे न सिर्फ बीमारी का जल्दी पता चलता है बल्कि समय पर इलाज भी संभव हो पाता है।
क्यों है जागरूकता जरूरी?
अक्सर माता-पिता बच्चों की तकलीफों को सामान्य समझकर टाल देते हैं। लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को नज़रअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। बचपन में होने वाला कैंसर अगर शुरुआती स्तर पर पकड़ में आ जाए तो उसका सफल इलाज संभव है।
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पीडियाट्रिक कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए आवश्यक है कि माता-पिता सतर्क रहें और छोटे-से-छोटे लक्षणों को भी हल्के में न लें। जागरूकता और समय पर इलाज से बच्चों की ज़िंदगी बचाई जा सकती है।
Disclaimer : इस चैनल की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी केवल सामान्य जागरूकता हेतु है, इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी बीमारी, उपचार या दवा के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए News India 24×7 उत्तरदायी नहीं है।

