Cholesterol: कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे शरीर में जमा होता है और शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। अक्सर लोग अपने खानपान और दिनचर्या की वजह से इसे नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादा तला-भुना खाना, समय पर न खाना, और पाचन शक्ति कमजोर होना शरीर में फैट और हानिकारक तत्वों को जमा कर देता है। ये पदार्थ खून के साथ बहते हुए धमनियों में चिपकने लगते हैं और धीरे-धीरे ब्लड फ्लो रोकने लगते हैं। यही कारण बनता है हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मुख्य कारण
आयुर्वेद के अनुसार कोलेस्ट्रॉल केवल खून की समस्या नहीं है, बल्कि यह कमजोर पाचन और शरीर में जमा गंदगी का परिणाम है। इसके बढ़ने के प्रमुख कारण हैं:
भारी और तला-भुना खाना: ज्यादा तेल और मसाले वाली चीजें धमनियों पर मोटी परत बनाने लगती हैं।
स्ट्रेस और कम शारीरिक गतिविधि: ये खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाते हैं और ब्लड फ्लो को प्रभावित करते हैं।
कमजोर पाचन शक्ति: जब भोजन सही तरह से पचता नहीं है, तो शरीर में हानिकारक तत्व जमा होने लगते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक, जब पाचन शक्ति मजबूत रहती है, तो शरीर अपने आप को बैलेंस करता है और कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियां नियंत्रित रहती हैं।
आयुर्वेदिक उपाय से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए घरेलू उपाय भी काफी प्रभावी हैं। इनमें तीन चीजें सबसे लाभकारी मानी जाती हैं: नींबू, लहसुन और अदरक।
सेवन का तरीका:
1 लहसुन की कली
आधा चम्मच घिसी हुई अदरक
आधा चम्मच नींबू का रस
इन तीनों को खाने से लगभग 10 मिनट पहले लिया जाए। यह मिश्रण पाचन अग्नि को मजबूत करता है और धमनियों में जमा चिकनाहट को कम करने में मदद करता है। नियमित सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) धीरे-धीरे घटने लगता है और शरीर स्वस्थ रहता है।
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