गर्मियों में धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी माना जाता है। बाजार में अलग-अलग SPF वाले कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे लोगों के लिए सही चुनाव करना मुश्किल हो जाता है। सनस्क्रीन पर लिखा SPF यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर, जो त्वचा को अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों से बचाने में मदद करता है। SPF जितना अधिक होगा, सुरक्षा भी उतनी ज्यादा मिलेगी।
स्किन टोन से नहीं है कोई संबंध
SPF का आपकी त्वचा के रंग से कोई संबंध नहीं होता। चाहे स्किन डार्क हो या फेयर, सनस्क्रीन का काम त्वचा को धूप से बचाना और टैनिंग व सनबर्न के खतरे को कम करना है।
स्किन टाइप के अनुसार चुनें सनस्क्रीन
सनस्क्रीन का चयन हमेशा अपनी स्किन टाइप के हिसाब से करना चाहिए। ड्राई स्किन वाले लोगों के लिए मॉइश्चराइजिंग सनस्क्रीन बेहतर मानी जाती है, जिससे त्वचा हाइड्रेट रहने के साथ UV किरणों से भी सुरक्षा मिलती है। वहीं, ऑयली और पिंपल-प्रोन स्किन वाले लोगों को वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे त्वचा पर अतिरिक्त चिपचिपाहट नहीं होती और पिंपल ब्रेकआउट का जोखिम भी कम रहता है।
जेल या लोशन, क्या है बेहतर?
सनस्क्रीन जेल या लोशन का चुनाव आपकी पसंद और स्किन टाइप पर निर्भर करता है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए वॉटर-बेस्ड या जेल सनस्क्रीन बेहतर विकल्प हो सकता है, जबकि ड्राई स्किन वाले लोग लोशन बेस्ड सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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