Children Health Tips: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहे। इसी सोच में कई बार हम दादी-नानी के पुराने नुस्खों पर बिना सवाल किए भरोसा कर लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही आदतें आपके बच्चे की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं? दिल्ली के निर्माण विहार स्थित रेडिक्स हेल्थकेयर के चेयरमैन और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के मुताबिक, बच्चों के नाक या कान में तेल डालना एक आम लेकिन बेहद जोखिम भरी आदत है। डॉक्टर का कहना है कि इसे सेहत का राज समझना एक बड़ी भूल हो सकती है।
नाक में तेल डालना क्यों है खतरनाक?
डॉक्टर बताते हैं कि सरसों का तेल गाढ़ा और जलन पैदा करने वाला होता है। नाक में डालने पर यह नाक की नली को ब्लॉक कर सकता है, जिससे बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब यह तेल सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाए, जिससे निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। कई मामलों में यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
कान में तेल डालने से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कान में तेल डालने को लेकर भी कई गलतफहमियां हैं। लोग सोचते हैं कि इससे मैल साफ होगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। तेल डालने से कान में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है। अगर कान के पर्दे में पहले से कोई समस्या हो, तो तेल अंदर जाकर मिडल ईयर को नुकसान पहुंचा सकता है।
सुरक्षित विकल्प क्या हैं?
डॉक्टर साफ कहते हैं की कान में कुछ भी खुद से न डालें। अगर ज्यादा मैल हो, तो ईएनटी विशेषज्ञ से दिखाएं। बंद नाक की समस्या में तेल की जगह नॉर्मल सलाइन ड्रॉप्स का इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है।
याद रखें, थोड़ी-सी लापरवाही बच्चे को बड़ी परेशानी में डाल सकती है। सही जानकारी और सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है।
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