World Heart Day 2025 : हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाने के लिए समर्पित है कि हमारा दिल हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसकी देखभाल करना हर उम्र में जरूरी है। आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली, गलत खान-पान, तनाव और लंबे समय तक बैठने की आदतें हृदय रोगों का कारण बन सकती हैं।
विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के लक्षण पहचानने, समय पर जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करना है। छोटे बदलाव जैसे संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना और धूम्रपान-शराब से दूरी रखने से दिल को मजबूत रखा जा सकता है। इस दिन की थीम “एक भी धड़कन न चूकें” हमें याद दिलाती है कि हर धड़कन कीमती है और हमें अपने दिल की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस बार की थीम : “एक भी धड़कन न चूकें”
इस साल की थीम है – “एक भी धड़कन न चूकें”, जिसका उद्देश्य है कि लोग अपने दिल की सेहत पर लगातार ध्यान दें। चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें, नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, तनाव कम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाएं।
हृदय रोग और मौत के आंकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 1.7 करोड़ लोग हृदय रोगों के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। हार्ट अटैक, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग सबसे आम हैं। कुल हृदय रोग मौतों में करीब 85% मामले सीधे हृदय से जुड़ी समस्याओं के कारण होते हैं।
मुख्य लक्षण
- सीने में बेचैनी या दबाव महसूस होना
- सांस लेने में कठिनाई या थकान
- ठंडा पसीना, मतली या उल्टी
- चक्कर आना और अचानक थकान
किसको है सबसे ज्यादा खतरा ?
- उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे वाले लोग
- मानसिक तनाव से पीड़ित लोग
- धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करने वाले
- उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
हृदय रोगों की बढ़ती समस्याएं
आज की जीवनशैली में फैटी लिवर, धमनी कैल्सीफिकेशन और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं आम हो रही हैं। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। युवा वर्ग में लंबे समय तक बैठकर काम करना और निष्क्रिय जीवनशैली हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा रही हैं।
आंकड़े
दिल्ली-एनसीआर में उच्च रक्तचाप और फैटी लिवर के मामले बढ़ रहे हैं। मुंबई में बिना लक्षण वाले लोगों में कोरोनरी कैल्शियम पाया गया। चेन्नई में 29% लोग मधुमेह से प्रभावित हैं। बेंगलुरु में कम उम्र में उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया देखे गए। लखनऊ में कॉलेज छात्रों में अधिक वजन और उच्च रक्तचाप की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
स्वस्थ दिल के लिए जरूरी कदम
छोटे बदलाव जैसे संतुलित भोजन, रोजाना हल्का व्यायाम, शराब-धूम्रपान से दूर रहना और तनाव नियंत्रण हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सतर्कता हृदय रोगों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। विश्व हृदय दिवस हमें यही याद दिलाता है कि दिल की देखभाल करना किसी भी उम्र में जरूरी है और हर धड़कन कीमती है।

