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सर्वाइकल कैंसर क्या है? जानें महिलाओं के लिए कितना खतरनाक, कारण और बचाव के तरीके

Cervical Cancer : सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर प्रकार का कैंसर है, जो गर्भाशय की ग्रीवा या सर्विक्स में विकसित होता है। यह आमतौर पर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसरों में चौथे स्थान पर है और यह विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए खतरनाक होता है जो महिलाओं के लिए जानलेवा भी होता है।

जानिए क्या है सर्वाइकल कैंसर

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारणों में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) संक्रमण सबसे प्रमुख है। यह वायरस मुख्य रूप से यौन संपर्क के जरिए फैलता है। इसके अलावा, असुरक्षित यौन जीवन, कई यौन साथी होना, उम्र में किशोरावस्था में यौन संपर्क, धूम्रपान, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और लंबे समय तक जन्म नियंत्रण गोलियों का सेवन भी इस कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं। परिवार में किसी को सर्वाइकल कैंसर का इतिहास होना भी महिलाओं के लिए खतरे की घण्टी है।इस बीमारी का शुरुआती चरण अक्सर बिना लक्षण के गुजरता है, इसलिए नियमित जांच कराना आवश्यक है। शुरुआती लक्षणों में असामान्य योनि रक्तस्राव, पीरियड्स के बीच खून आना, सेक्स के बाद खून आना, लगातार पीठ या पेट में दर्द, मूत्र या मल त्याग के दौरान असुविधा शामिल हैं। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो कैंसर आगे बढ़ सकता है और इलाज कठिन हो सकता है।

ऐसे करें बचाव

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए सबसे प्रभावी उपाय नियमित स्क्रीनिंग और वैक्सीनेशन है। 21 साल की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से पप-स्मियर टेस्ट कराना चाहिए। पप-स्मियर टेस्ट के जरिए प्रारंभिक बदलाव और कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सकता है, जिससे समय रहते उपचार संभव हो। इसके अलावा, एचपीवी वैक्सीन 9-26 वर्ष की उम्र की लड़कियों और महिलाओं को दी जाती है, जो वायरस के संक्रमण और कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम करती है।सुरक्षित यौन जीवन और व्यक्तिगत स्वच्छता भी इस कैंसर से बचाव के लिए जरूरी हैं। कम संख्या में यौन साथी रखना, कंडोम का इस्तेमाल और नियमित स्वास्थ्य जांच से संक्रमण और जोखिम को घटाया जा सकता है। धूम्रपान और शराब से बचना भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव और जोखिम पहचानें

डॉक्टर मीरा पाठक कहती हैं कि जागरूकता और समय पर जांच सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। महिलाएं अपनी स्वास्थ्य स्थिति के प्रति सतर्क रहें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह कैंसर समय रहते पहचान और इलाज करने पर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। इस प्रकार, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए खतरनाक हो सकता है, लेकिन नियमित स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन, सुरक्षित यौन जीवन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। इसलिए आप भी इसको इग्नोर न करके टेस्ट करवाएं और हेल्दी जीवन जीएं।

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