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सर्दियों में किसमें छुपी है असली ताकत? किशमिश या मुनक्का, आखिर कौन है ज्यादा असरदार?

Munakka Vs kishmish: सर्दियों के आते ही हमारी डाइट में ऐसे फूड्स की एंट्री बढ़ जाती है जो इम्यूनिटी मजबूत करें और शरीर को ताकत दें। नट्स और ड्राई फ्रूट्स इस मौसम में खासतौर पर सुझाए जाते हैं। इन्हीं में दो लोकप्रिय मेवे किशमिश और मुनक्का अक्सर लोगों को कंफ्यूज़ कर देते हैं। दिखने में एक जैसे लगने वाले ये दोनों सूखे मेवे पोषण और फायदों के मामले में काफी अलग हैं।

क्या है पोषण का अंतर?

दोनों ही विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर हैं, लेकिन इनके गुण अलग-अलग जरूरतें पूरी करते हैं।

किशमिश: फाइबर का बेहतरीन स्रोत, साथ ही इसमें आयरन, पोटेशियम और नैचुरल शुगर प्रचुर मात्रा में होती है।
मुनक्का: कार्बोहाइड्रेट से भरपूर और त्वरित ऊर्जा देने वाला ड्राई फ्रूट। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम भरपूर मिलते हैं।

कौन देता है ज्यादा फायदे?

किशमिश के फायदे- हेल्थलाइन के अनुसार आधा कप किशमिश में लगभग 3.3 ग्राम फाइबर मिलता है। यही वजह है कि यह डाइजेशन सुधारती है, पेट की समस्याओं में राहत देती है और एनर्जी भी बढ़ाती है। नैचुरल शुगर होने के कारण डायबिटीज मरीज भी सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। स्किन हेल्थ के लिए भी किशमिश फायदेमंद है।

मुनक्का के फायदे- यह शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और कमजोरी दूर करता है। आयरन की पर्याप्त मात्रा के कारण यह एनीमिया से लड़ने में मदद करता है। साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाता, हड्डियों को मजबूत करता और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है।

एक्सपर्ट की राय

आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार दोनों ही फायदेमंद हैं, लेकिन ताकत बढ़ाने में मुनक्का आगे है। इसमें कैल्शियम और आयरन अधिक होने के कारण यह शरीर को मजबूत बनाता है, एनर्जी लेवल बढ़ाता है और खून की कमी भी दूर करता है। अगर लक्ष्य है सर्दियों में ताकत बढ़ाना, तो मुनक्का बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि, फाइबर और डाइजेशन के लिए किशमिश को भी डाइट में जरूर शामिल किया जा सकता है।

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