होम = स्वास्थ्य समाचार = सर्दियों में पपीता खाना सही या नुकसानदेह? डायटिशियन ने तोड़ा भ्रम, बताए चौंकाने वाले फायदे!

सर्दियों में पपीता खाना सही या नुकसानदेह? डायटिशियन ने तोड़ा भ्रम, बताए चौंकाने वाले फायदे!

Immunity Boosting Fruits: सर्दियों का मौसम आते ही खानपान को लेकर कई सवाल खड़े हो जाते हैं। इन्हीं में से एक आम सवाल है, क्या सर्दियों में पपीता खाना चाहिए या नहीं? क्योंकि पपीते की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए बहुत से लोग इसे ठंड के मौसम में खाने से बचते हैं। लेकिन क्या यह धारणा सही है? इस सवाल का जवाब दिल्ली के जीटीबी अस्पताल की पूर्व डायटिशियन डॉक्टर ने साफ शब्दों में दिया है।

डॉक्टर के अनुसार, पपीता एक ऐसा फल है जो लगभग हर मौसम में और लगभग हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। भले ही इसकी तासीर ठंडी हो, लेकिन इसके पोषक तत्व इसे सर्दियों में भी सुरक्षित और उपयोगी बनाते हैं।

सर्दियों में पपीता क्यों है फायदेमंद?

पपीते में मौजूद पपेन एंजाइम पाचन तंत्र को मजबूत करता है। सर्दियों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, जिससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। पपीता आंतों की सफाई में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। इसके अलावा पपीते में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल में मदद मिलती है।

इम्युनिटी बढ़ाने में भी असरदार

सर्दियों में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पपीते में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं।

कितनी मात्रा में और कब खाएं पपीता?

डायटिशियन के अनुसार, सर्दियों में पपीता सुबह खाली पेट खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।

मात्रा: 5–6 टुकड़े या लगभग 200 ग्राम से अधिक नहीं

रोजाना ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से बचें

पपीता खाते समय रखें ये सावधानियां

फ्रिज से निकालकर बहुत ठंडा पपीता तुरंत न खाएं

अगर सर्दी-खांसी है तो पहले गुनगुना पानी पीने के बाद ही पपीता खाएं

तेज सर्दी या गले में संक्रमण होने पर पपीता खाने से परहेज करें

समझदारी और संतुलन

सर्दियों में पपीता खाना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि सही मात्रा और सही तरीके से खाने पर यह पाचन, इम्युनिटी और वजन नियंत्रण में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। जरूरी है कि इसे समझदारी और संतुलन के साथ अपनी डाइट में शामिल किया जाए।

ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR की हवा हुई साफ! लेकिन प्रदूषण कम करने के नियम अब भी लागू, जाने GRAP-3 हटने के बाद क्या खुला, क्या बंद?

चुनाव स्पेशल – बिहार